भाजपा में टिकटों के वितरण को लेकर विरोध बढ़ता जा रहा है। अभी तक अलग-अलग जिलों में विरोध हो रहा था। बुधवार को कई जिलों के कार्यकर्ताओं ने भाजपा मुख्यालय पहुंचकर भी धरना दिया व प्रदर्शन किया।
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कार्यकर्ताओं ने दलबदलुओं को टिकट देने का आरोप लगाते हुए प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य का घेराव किया और उनके खिलाफ नारेबाजी की, जिस पर मौर्य ने पुनर्विचार करने का आश्वासन देकर उन्हें शांत करवाया।
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बांदा जिले के तिंदवारी विधानसभा क्षेत्र से आए कार्यकर्ता बृजेश प्रजापति को भाजपा का उम्मीदवार बनाने का विरोध कर रहे थे। उनका कहना था कि प्रजापति कभी भाजपा के कार्यकर्ता नहीं रहे। ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बनाकर भाजपा क्या संदेश देना चाहती है।
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बलराम सिंह ने कहा कि बृजेश प्रजापति ने बसपा में रहते हुए सवर्ण लोगों के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज कराए थे। इससे क्षेत्र में ब्राह्मण, कायस्थ, वैश्य, ठाकुर सहित अन्य जातियां उनके खिलाफ हैं। यदि टिकट नहीं बदला गया तो पार्टी को नुकसान होगा।
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रायबरेली की हरचंदपुर सीट पर भाजपा ने कंचन लोधी को प्रत्याशी बनाया है। उनके विरोध में भी सौ से अधिक कार्यकर्ता प्रदेश कार्यालय पहुंचे। वे सांसद साक्षी महाराज के खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे।
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क्षेत्र से भाजपा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ चुके नरेंद्र सिंह कोठारी ने कहा कि रायबरेली कांग्रेस का गढ़ है। भाजपा कार्यकर्ताओं ने दिन-रात मेहनत कर वहां पार्टी को खड़ा किया है। अब पार्टी ने बसपा से आई कंचन लोधी को टिकट दिया है, जिन्हें क्षेत्र में कोई जानता तक नहीं है।
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कार्यकर्ताओं को शांत कराते प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य।
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भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि भाजपा ही एकमात्र ऐसा राजनीतिक दल है जहां कार्यकर्ताओं को अपनी बात रखने का अधिकार दिया जाता है।
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प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों के सवाल पर उन्होंने कहा कि टिकट वितरण को लेकर कहीं कोई विरोध नहीं है, कार्यकर्ता अपनी बात रखने आए हैं। पार्टी का नेतृत्व उनकी बात सुन रहा है। सभी कार्यकर्ता क्षेत्र में जाकर पार्टी के लिए काम करेंगे।