एक प्रधानाध्यापिका ने बताया कि हमारे पास 3000 बच्चे हैं। जिनमें से करीब 1500 बेटियों हैं। इनके शारीरिक, मानसिक व आध्यात्मिक विकास के लिए हम अलग-अलग कार्यक्रम अपनाते हैं। गर्ल्स की सीनियर व जूनियर विंग के लिए एनसीसी है। इसके कार्यक्रमों में शामिल होने पर उनमें अनुशासित रहने की भावना आती है। हम बच्चों पर चीजें थोपते नहीं बल्कि उन्हें उनके अच्छे बुरे परिणाम के बारे में बताते हैं।