दुनिया में आबादी और सेना में दूसरे नंबर पर आने वाले भारत का आयात लगातार बढ़ता जा रहा था। ऐसे में 50 खरब डालर अर्थव्यवस्था और लाखों लोगों को रोजगार देने का सपना कैसे देखा पूरा किया जा सकता था? 2014 के बाद से स्थितियां बदली हैं। पांच साल में व्यापार की सुगमता में अभूतपूर्व सुधार हुआ है। इसका लाभ रक्षा क्षेत्र को भी मिला है। हमारा मंत्र है, मेक इन इंडिया फॉर इंडिया एंड ऑल ओवर वर्ल्ड। इसके लिए दो प्रमुख आवश्यकताएं हैं,शोध एवं विकास और उत्पादन। शोध और विकास अब हमारी राष्ट्रीय नीति का प्रमुख अंग है।