अफवाह के चलते चौक डाकघर में उमड़ी भीड़ मंगलवार को बेकाबू हो गई। सोमवार के बाद मंगलवार को भी सैकड़ों की संख्या में लोग फॉर्म जमा करने चौक डाकघर पहुंचे, जिसे संभालना डाक कर्मचारियों के लिए मुश्किल हो गया। मजबूरन डाकघर के गेट बंद करने पड़े। लोगों ने जमकर हंगामा काटा। सूचना मिलते ही मौके पर पुलिस भी पहुंची, लेकिन उसके जाते ही स्थिति फिर से बेकाबू हो गई और देर शाम तक अफरातफरी की स्थिति बनी रही। पिछले दिनों चौक में यह अफवाह फैला दी गई कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खातों में एक-एक लाख रुपये भेज रहे हैं। इसके बाद चौक डाकघर पर प्रधानमंत्री राहत कोष से आर्थिक मदद और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ के फॉर्म में अपने खातों की डिटेल भरकर पीएम को भेजने वालों की भीड़ उमड़ पड़ी।
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बंद पड़ा डाकघर का गेट
- फोटो : amar ujala
ठाकुरगंज, सराय माली खां, चौपटिया, बालागंज, हैदरगंज, अमीनाबाद से ही नहीं, बल्कि बाराबंकी, हैदरगढ़ तक से लोग फॉर्म जमा करने के लिए डाकघर पहुंच गए। मंगलवार को हाथों में फॉर्म लिए सैकड़ों की भीड़ सुबह से ही डाकघर पर उमड़ने लगी, जिससे भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई। डाक कर्मियों ने पुलिस को बुलाया, जिसने लोगों को शांत कराया, लेकिन पुलिस के जाते ही भीड़ फिर से बेकाबू हो गई। दोपहर होते-होते जब हालात हाथ से बाहर हो गए तो डाक कर्मचारियों को डाकघर के गेट बंद करने पड़े, जिससे लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने हंगामा काटना शुरू कर दिया।
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बंद पड़ा डाकघर का गेट
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यह स्थिति देर शाम तक बनी रही। दूसरी ओर डाक कर्मियों ने फॉर्म के फर्जी होने की आशंका जताई। उन्होंने बताया कि फॉर्म पर दिल्ली का पता लिखा हुआ है और जो मोबाइल नंबर दिया है, वह स्विच्ड ऑफ है। इतना ही नहीं मार्केट में गुलाबी व सफेद, दो रंगों के फॉर्म बिक रहे हैं, जो शंका पैदा करते हैं। लोग ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ का फॉर्म चौक में लोकल दुकानदारों से दस रुपये में खरीद रहे हैं, इसके बाद लिफाफों पर पांच रुपये और स्पीड पोस्ट पर 40 रुपये खर्च कर रहे हैं, जिससे प्रति उपभोक्ता 65 रुपये खर्च किए जा रहे हैं। हालांकि, डाकघर को स्पीड पोस्ट होने से मुनाफा जरूर हो रहा है।
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प्रधानमंत्री राहत कोष से मदद मिलेगी और ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ फॉर्म में खातों की डिटेल भरकर भेजने पर एक-एक लाख रुपये दिए जाएंगे, इस अफवाह के फैले महज कुछ दिन ही हुए हैं। लेकिन पिछले चार दिन में करीब डेढ़ लाख फॉर्म बेचे गए हैं। पवन बुक डिपो, गुलाटी आर्ट स्टूडियो से लेकर आसपास की कई दुकानों पर खुलेआम पुलिस की शह पर फॉर्म बेचे जा रहे हैं। जिसके एवज में पांच से दस रुपये वसूले जा रहे हैं। इतना ही नहीं फॉर्म की फोटोकॉपी का धंधा भी जोरों से चल रहा है।फॉर्म जमा करने को लेकर उमड़ी भीड़ के चलते डाकघर के उपभोक्ता न तो खातों में पैसा जमा कर पा रहे हैं और न ही निकासी हो रही है। इतना ही नहीं एजेंट सुधा ने बताया कि कई ग्राहकों की आरडी का पैसा जमा करना था, लेकिन दरवाजे ही बंद हैं, जिससे काम ठप पड़ा हुआ है।
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डाक विभाग के कर्मचारी आशंका जता रहे हैं कि चुनाव सिर पर है, इसलिए अफवाह फैलाई जा रही है। चूंकि, अफवाह से सिर्फ चौक डाकघर ही प्रभावित है, जोकि मुसलिम बाहुल्य इलाका है, अमीनाबाद या अन्य डाकघरों में ऐसे फॉर्म नहीं जमा कराए जा रहे हैं।
‘चौक डाकघर में अफवाह से सतर्क रहने को लेकर लगातार एनाउंसमेंट कराया जा रहा है। नोटिस चस्पा कर दी गई है। बावजूद इसके भारी हुजूम उमड़ रहा है। इसके चलते मंगलवार को डाकघर के गेट को बंद करना पड़ा। इससे डाकघर के उपभोक्ताओं को दिक्कतें हो रही हैं’। -शहनवाज अख्तर, प्रवर डाक अधीक्षक
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राजेश कुमार और आइशा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खाते में एक-एक लाख रुपये देंगे यह खबर सुनकर आसपास के जिलों से भी लोग उमड़ पड़े। हैदरगढ़ से चौक पहुंचे राजेश कुमार ने बताया कि लखनऊ में उनके रिश्तेदार ने बताया कि प्रधानमंत्री खाते में एक लाख रुपये भेजेंगे। चूंकि, मुफलिसी में दिन कट रहे हैं और बेटियां भी ब्याहनी हैं, इसलिए सहायता की उम्मीद में फॉर्म जमा करने पहुंच गए। मंगलवार को फॉर्म जमा नहीं हुआ, अब कल भी रुकेंगे। वहीं हैदरगंज निवासी गृहणी आएशा ने फॉर्म दिखाते हुए बताया कि प्रधानमंत्री राहत कोष से मदद मांग रही हूं। मुहल्ले की सभी महिलाओं ने फॉर्म जमा किया, इसलिए मैं भी आ गई।
वहीं पाटानाला से आए इकराम अली ने कहा कि फॉर्म को लेकर अफवाह तेजी से फैल रही है, लेकिन फॉर्म जमा करने का काम सिर्फ चौक में हो रहा है। मुफ्तीगंज निवासी अंसार हुसैन सुबह ही डाक घर पहुंच गए थे। वह व्यापारी हैं और बताते हैं कि पूरे बाजार में यह बात फैली थी, इसलिए काम-धंधा छोड़कर फॉर्म जमा करने आया हूं। चार फॉर्म जमा कर रहा हूं। ऐसे ही सैकड़ों की संख्या में लोग दिन भर लाइनों में फॉर्म जमा करने के लिए लगे रहे।