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यह ढाबा नहीं, लखनऊ यूनिवर्सिटी के हॉस्टल का है नजारा

Wed, 18 Jan 2017 03:45 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
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लखनऊ यून‌िवर्स‌िटी - फोटो : amar ujala
एलयू के हॉस्टल में स्टूडेंट्स बदतर हालात में रह रहे हैं और उनका खाना भीषण गंदगी के बीच पक रहा है। मंगलवार को कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बीरबल साहनी, एलबीएस, सुभाष और आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास का निरीक्षण किया। भीषण गंदगी में खाना बनते देखकर उन्होंने व्यवस्था दुरुस्त करने को कहा। 
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लखनऊ यून‌िवर्स‌िटी - फोटो : amar ujala
कुलपति ने स्टूडेंट्स की समस्याओं के शिकायती पत्र भी लिए। उन्होंने दो दिन में सभी प्रोवोस्ट को इन समस्याओं पर जवाब देने को कहा है। मालूम हो कि शनिवार को आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास में स्टूडेंट्स ने खाना न मिलने पर हंगामा और तोड़फोड़ की थी। 
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लखनऊ यून‌िवर्स‌िटी - फोटो : amar ujala
इस दौरान मेस संचालक ने कुलपति को बताया कि प्रति खुराक छात्रों से 32 रुपये लिए जाते हैं, लेकिन प्रोवोस्ट से हमें महज 27 रुपये का ही भुगतान मिलता है। मेस चलानी है इसलिए इतना भुगतान लेना मजबूरी है।

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लखनऊ यून‌िवर्स‌िटी - फोटो : amar ujala
इसके बाद कुलपति ने मेस संचालक से हंगामे की वजह पूछी। मेस संचालक ने कहा कि उस दिन दीक्षांत समारोह के बाद 35 बाहरी छात्र आ गए थे। इसलिए खाना कम पड़ गया था। प्रोवोस्ट से कम भुगतान मिलने की शिकायत पर उन्होंने हॉस्टल के प्रोवोस्ट प्रो. एसपी सिंह से पूछताछ की। प्रोवोस्ट ने बताया कि वे हर महीने एकमुश्त भुगतान कर देते हैं। 
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लखनऊ यून‌िवर्स‌िटी - फोटो : amar ujala
किसी प्रकार का लेखाजोखा नहीं रखते कि किस दिन कितने बच्चों ने खाना खाया।
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लखनऊ यून‌िवर्स‌िटी - फोटो : amar ujala
कुलपति ने उन्हें पूरा लेखा जोखा तैयार करके देने को कहा है। हालांकि प्रोवोस्ट ने पहले ही आरोपों को छात्रों और शिक्षकों के दबाव से प्रेरित बताया। 
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लखनऊ यून‌िवर्स‌िटी - फोटो : amar ujala
विवि में पढ़ाई के दौरान वीसी प्रो. एसपी सिंह भी आचार्य नरेंद्र देव छात्रावास में रहे थे। निरीक्षण के दौरान कुलपति अपने पुराने कमरे में पहुंचे। कमरे की हालत बेहद खराब थी।
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कमरे का दरवाजा जला हुआ था। इसी तरह छत पर भी जगह-जगह जले के निशान बने हुए थे। इस पर कुलपति ने कुछ कहा नहीं बल्कि मुस्कराकर आगे बढ़ गए। 
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