तमाम मुस्लिम पुलिसकर्मी अपने साथ एक छोटी सी जानमाज रखते हैं, जिसे नमाज के वक्त निकाल कर ये नमाज अदा करते हैं। कड़ी धूप में भूखे प्यासे रह कर 15 घंटे रोजा रहना आसान नहीं है, लेकिन मन मे श्रृद्धा हो तो हर काम मुमकिन हो जाता है। टेढ़ी पुलिया पर तैनात अब्दुल वफा भी ड्यूटी के दौरान नमाज पढ़ते नजर आए।