फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

दौड़ा-दौड़ा कर पीट रही थी पुलिस और सड़क पर रो रहे थे शिक्षक

Thu, 08 Dec 2016 07:14 PM IST
ब्यूरो/अमरउजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 6
लाठीचार्ज के दौरान हुई श‌िक्षक की मौत - फोटो : amar ujala
ऑल टीचर एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) उत्तर प्रदेश के प्रदर्शन के दौरान हुए लाठीचार्ज में जान गंवाने वाले डॉ. रामाशीष सिंह के साथी शिक्षकों का आरोप है कि जिस पुलिसवाले ने रामाशीष को लाठी मारी वह नशे में धुत था। शिक्षकों ने कहा कि पुलिसवालों ने संवेदनहीनता की सारी हदें पार कर दी थीं। पुलिस दौड़ा-दौड़ा कर पीट रही थी और शिक्षक सड़क पर पड़े रो रहे थे।
विज्ञापन

2 of 6
लाठीचार्ज - फोटो : amar ujala
ऑल टीचर एंप्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन (अटेवा) उत्तर प्रदेश के प्रवक्ता मयंक यादव ने शिक्षकों पर ‘अमर उजाला’ से बातचीत में लाठीचार्ज का यह दृश्य बयां किया। मयंक के साथ प्रदर्शन में शामिल सीतापुर के शिक्षक अभिषेक ने बताया कि पुलिस शिक्षकों को दौड़ा-दौड़ा कर पीट रही थी और शिक्षक सड़क पर रो रहे थे। पुलिस वाले धमकी दे रहे थे कि नंगा करके सड़क पर दौड़ाएंगे। कोई बचा नहीं पाएगा।  
विज्ञापन

3 of 6
कैलाश नाथ यादव, वाराणसी - फोटो : amar ujala
पुलिस ने अचानक दौड़ाया और पीटना शुरू कर दिया 
हम शांतिपूर्ण प्रदर्शन करके विधानभवन से लक्ष्मण मेला मैदान जा रहे थे। इसी बीच शक्ति भवन के पास सामने से 15 से 20 पुलिस वालों ने दौड़ा दिया और लाठियां बरसानी शुरू कर दीं। कोई कुछ समझ नहीं पाया। शिक्षक तितर-बितर हो गए। एक पुलिसवाला गालियां देते हुए आगे बढ़ा और सिर पर लाठी मारने लगा। इसके बाद क्या हुआ, मुझे कुछ पता नहीं। जब होश आया तो खुद को अस्पताल में पाया।  
कैलाश नाथ यादव, वाराणसी, चौरापुर

4 of 6
ओंम ‌स‌िंह, मैनपुरी - फोटो : amar ujala
सिर फूटने के बाद भी बरसाता रहा डंडे
सब कुछ शांतिपूर्ण चल रहा था। पुलिस ने अचानक पहुंचकर लाठियां भांजनी शुरू कर दीं। हर कोई जान बचाने के लिए इधर से उधर भागने लगा। पुलिस के कुछ जवान जब सड़क पर दौड़ा-दौड़ा कर पीटने लगे तो सड़क किनारे खड़े दूसरे पुलिस वाले भी टूट पड़े। मैं वहां से भागा तो पुलिस वाले ने पीछे से तेज डंडा मार दिया। मेरे सिर से खून की धारा बहने लगी। इसके बाद भी पुलिस वाला नहीं रुका और तीन-चार डंडे उसने मेरे सिर पर मारे। साथियों ने मुझे अस्पताल पहुंचाया जहां सात-आठ टांके लगाए गए हैं।
-ओम सिंह, मैनपुरी
 
विज्ञापन

5 of 6
प्रदीप चंद्र, ब‌िजनौर - फोटो : amar ujala
बोला, आज बताता हूं पुलिस में कितनी ताकत होती है
हम शांतिपूर्ण तरीके से मार्च कर रहे थे। इसी बीच नशे में धुत एक पुलिस वाला दौड़ता हुआ आगे बढ़ा और शिक्षकों पर अंधाधुंध लाठी बरसाने लगा। वह नशे में था और कह रहा था-आज बताता हूं पुलिस में कितनी ताकत होती है। आज तुम लोगों की ऐसी पिटाई करेंगे कि तुम लोग दोबारा प्रदर्शन नहीं करोगे। वह आंखें बंद कर लाठी चलाता रहा और शिक्षक घायल होकर गिरते रहे। दूसरे पुलिस वालों ने भी शिक्षकों पर जमकर लाठियां बरसाईं।  
- प्रदीप चंद्र, ‌ब‌िजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
नीरज प्रकाश, कासगंज - फोटो : amar ujala
चक्कर आने से नहीं उठ पाया तो लाठी मारकर तोड़ दिया पैर 
साथियों संग हमलोग आगे बढ़ रहे थे। इसी बीच एक पुलिस वाला सीटी बजाते हुए आगे बढ़ा और अंधाधुंध लाठी भांजने लगा। सिर पर लाठी लगने से मैं गिर गया। पुलिस वाले ने गालियां देते हुए उठने को कहा। चक्कर आने के कारण मैं नहीं उठा सका तो पुलिस वाले ने मेरे दाहिने घुटने पर लाठी मार दी। इससे मेरा पैर टूट गया। मैं सड़क पर दर्द से कराह रहा था, इसी बीच दूसरे पुलिस वाले ने पीठ पर लात मार दी। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि पुलिस कितनी क्रूरता से पेश आई। 
- नीरज प्रकाश, कासंगज
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें