एडीसीपी उत्तरी प्राची सिंह के मुताबिक, मंगलवार को आयुष के दिए गए बयान में कई तथ्य सामने आए हैं। सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। आयुष को जिस पिस्तौल से गोली मारी गई थी, वह लाइसेंसी है। इसकी पुष्टि हो गई है लेकिन कचहरी के असलहा विभाग के रिकॉर्ड में अभी यह सामने नहीं आया है कि पिस्तौल का लाइसेंस किसके नाम पर है।