राजधानी लखनऊ के मनकामेश्वर मंदिर में सावन के तीसरे सोमवार को भोर में पूजा-आरती हुई। महंत देव्यागिरी सहित बहुत कम संख्या में ही लोगों ने भागीदारी की जबकि ऐसे अवसरों पर मंदिर में काफी भीड़ होती है।
मनकामेश्वर का दर्शनीय श्रृंगार किया जाता है व घंटे-घड़ियालों की मदद से आरती की जाती है।