25 जून 1975 जब देश में आपातकाल लगाया गया था। तबसे 45 साल गुजर गए। इस दौरान कई सरकारें बदलीं, नेतृत्व बदला और सत्ता के चेहरे भी बदल गए। उस समय संघर्ष में शामिल कई प्रमुख लोग अब दुनिया में नहीं हैं। वहीं, जो उस समय किशोरावस्था में थे, वे अब प्रौढ़ हो चुके हैं। इनमें तमाम ऐसे चेहरे शामिल हैं जिन्हें आपातकाल के दौरान उत्पीड़न व अत्याचार ही नहीं, कारागार की कठोर यातनाएं भी झेलनी पड़ीं।
मगर इन लोकतंत्र सेनानियों को भ्रष्टाचार, बेरोजगारी और शिक्षा के उन सवालों को लेकर आज भी पीड़ा हो रही है, जिनको लेकर चले आंदोलन से घबराकर तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल लगा दिया था। ये लोकतंत्र सेनानी कहते हैं कि उस आंदोलन में उभरे सवाल आज भी जहां के तहां बरकरार हैं।