ओवरलोड होकर फर्राटा भरने वाले ऑटो-टेंपो व डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई का परिवहन व पुलिस विभाग कागजी ढिंढोरा पीटते हैं, लेकिन धरातल के हालात जुदा होते हैं। सख्ती न होने के कारण ऐसे वाहन यात्रियों की जान दांव पर लगाकर दौड़ रहे हैं।
जिम्मेदार विभागों की ओर से सख्त अभियान न चलाए जाने के कारण मंगलवार दोपहर वही हुआ जिसका अंदेशा पहले से था। गोंडा-बहराइच हाईवे पर क्षमता से तीन गुना से भी ज्यादा सवारियां लेकर जा रहा ऑटो हादसे का शिकार हो गया और छह जिंदगियां लापरवाही की भेंट चढ़ गईं।