नोटबंदी के बाद चलन से बाहर हुए नोटों का उपयोग अब सजावटी सामान व रोजमर्रा की जरूरत वाली चीजों को बनाने में किया जा रहा है। री-साइकिल कर पुरानी करेंसी के कागजों के प्रयोग की यह पहल आरबीआई ने खुद की है।
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- फोटो : amar ujala
आरबीआई के एक अधिकारी ने बताया कि बड़ी संख्या में पुराने नोट आने के बाद उनका उपयोग कर निस्तारित किया जा रहा है। इसमें उन नोटों का भी प्रयोग हो रहा है जो खराब हो चुके हैं। मशीनों से इनकी महीन कतरन करने के बाद उत्पाद बनाने का काम दूसरी प्रक्रिया के तहत होता है। अधिकारी के मुताबिक उत्पाद बनाने का काम आउटसोर्स से कराया जा रहा है।
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अधिकारियों का मानना है कि इस तरह के उत्पाद उपयोगी भी हों। इसके लिए पेन होल्डर, फाइल कवर, पेपर बैग के अलावा उनसे सजावटी आइटम भी बनाए जा रहे हैं। इससे आरबीआई में बड़ी संख्या में खराब और चलन से बाहर हुए नोटों के कागजों के निस्तारण की समस्या का भी समाधान हो सकेगा।
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...तो बैंक खाते भी हो सकेंगे पोर्ट
आरबीआई अब बैंक खातों की पोर्टेबिलिटी की योजना पर भी काम कर रहा है। सब ठीक रहा तो जल्द ही लोगों को बिना खाता संख्या बदले ही बैंक बदलने की सुविधा मिल जाएगी। योजना लागू हुई तो कोई भी ग्राहक बैंक सेवाओं से असंतुष्ट होने पर बिना खाता नंबर बदले अपना बैंक बदल सकेगा। इससे सरकार की एक व्यक्ति एक बैंक खाता योजना भी सार्थक हो सकेगी।
खाते से पैसा कटे तो तीन दिन में बैंक को दें सूचना
आरबीआई ने बैंक खातों से ग्राहकों का पैसा कटने के बढ़ते मामलों को देखते हुए नोटिफिकेशन जारी किया है। इसके मुताबिक अगर किसी के खाते से पैसा साइबर क्राइम के जरिए काटा जाता है तो उसे तीन दिन में बैंक को सूचना देनी होगी। इससे बैंक की भी जिम्मेदारी सुनिश्चित की जा सकेगी। बैंक को सूचना मिलने के बाद संबंधित व्यक्ति के डेबिट या क्रेडिट कार्ड को बंद करना होगा। ऐसा नहीं करने पर बैंक जिम्मेदार होगा।