फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कहां कितना शोर... ये घर बैठे ही करें पता और फिर निकलें इन इलाकों में

Tue, 12 Jun 2018 01:20 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 7
- फोटो : डेमो
लखनऊ। राजधानी में तेजी से बढ़ रही ध्वनि प्रदूषण की समस्या से लोगों को राहत देने के लिए यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (यूपीपीसीबी) अब ऑनलाइन निगरानी शुरू करेगा। इसके लिए पूरे शहर में 10 जगहों पर निगरानी केंद्र बनाए जा रहे हैं। ऐसे में अब आप घर से निकलने से पहले औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक की तरह ध्वनि प्रदूषण भी पता कर पाएंगे। इसके अलावा वायु प्रदूषण का भी रीयल टाइम मापने को पांच स्टेशनों की संख्या बढ़ाए जाएगी। लखनऊ की करीब 40 लाख की आबादी को इससे फायदा होगा।
 
विज्ञापन

2 of 7
डेमो - फोटो : डेमो
करीब 30 करोड़ रुपये खर्च कर 15 ऑनलाइन स्टेशन लगाने के लिए यूपीपीसीबी के क्षेत्रीय कार्यालय ने मुख्यालय और जिला प्रशासन को प्रस्ताव भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि एक स्टेशन पर करीब दो करोड़ रुपये का खर्च आता है। मांग की गई कि लखनऊ का बढ़ता क्षेत्रफल और आबादी देखते हुए नए ऑनलाइन स्टेशन लगाने की जरूरत है। इससे जहां ध्वनि प्रदूषण से होेने वाले नुकसान से लोगों को बचाने में मदद मिलेगी, वहीं अब तक छूटे इलाकों में वायु प्रदूषण की भी निगरानी हो सकेगी।
विज्ञापन

3 of 7
- फोटो : demo
एक्यूआई की तरह अपडेट होगा डाटा
अब तक वायु प्रदूषण की स्थिति रीयल टाइम बताने के लिए एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) ऑनलाइन स्टेशनों से बताया जाता है। इसी तर्ज पर ध्वनि प्रदूषण भी 10 ऑनलाइन स्टेशन बनने के बाद रीयल टाइम में पता किया जा सकेगा। यूपीपीसीबी अपने पोर्टल पर यह डाटा लगातार अपडेट करेगा। इससे आप जिस इलाके में या जिस जगह जाने वाले हों वहां का ध्वनि प्रदूषण पता कर सकेंगे। ये स्टेशन रिहाइशी, व्यावसायिक इलाकों में लगाए जाने हैं।

4 of 7
डेमो - फोटो : डेमो
बाहरी इलाकों में बढ़ेगा दायरा
क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. रामकरन का कहना है कि अभी जिन चार जगहों का वायु प्रदूषण ऑनलाइन रिकॉर्ड हो रहा है उनमें सभी शहर के अंदरूनी इलाके हैं। अब जरूरत बाहरी इलाकों और नए विकसित इलाकों में भी वायु प्रदूषण की रीयल टाइम निगरानी की है। ऐसे में सुशांत गोल्फ सिटी, आशियाना कानपुर रोड, वृंदावन कॉलोनी, गोमतीनगर योजना आदि में नए स्टेशन लगाने के लिए प्रस्ताव बनाया गया है।
विज्ञापन

5 of 7
pollution check - फोटो : अमर उजाला
चार में से तीन ऑनलाइन स्टेशन सीपीसीबी के
वायु प्रदूषण मापने के लिए अभी लखनऊ में चार ऑनलाइन स्टेशन हैं। इनके डाटा से ही एक्यूआई बताया जाता है। इनमें से तीन लालबाग, अलीगंज, तालकटोरा सीपीसीबी के हैं। वहीं, केवल एक निशातगंज ही यूपीपीसीबी का है। बाकी आठ स्टेशन यूपीपीसीबी के मैन्युअल सिस्टम पर काम करते हैं। यहां से नमूने लेकर लैब में जांच होती है। इनसे दो से तीन दिन तक का अधिक समय डाटा तैयार करने में लगता है।
विज्ञापन

6 of 7
डेमो - फोटो : डेमो
लेकिन, जरूरत 50 ऑनलाइन स्टेेशन की
केंद्र सरकार की वैज्ञानिक संस्था इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टॉक्सिकोलॉजी रिसर्च (आईआईटीआर) के निदेशक डॉ. आलोक धवन शहर में करीब 50 ऑनलाइन स्टेशन प्रदूषण मापने के लिए होने की जरूरत बता चुके हैं। ऐसे में यूपीपीसीबी और सीपीसीबी को इसके बाद भी स्टेशनों की संख्या बढ़ानी होगी। आईआईटीआर खुद भी वायु और ध्वनि प्रदूषण के आंकड़े साल में दो बार लेकर लखनऊ के लिए अपनी रिपोर्ट जारी करता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

7 of 7
pollution
बढ़ सकती है स्टेशनों की संख्या
अभी 10 ध्वनि प्रदूषण और पांच वायु प्रदूषण के ऑनलाइन स्टेशन लगाने की योजना पर काम शुरू हुआ है। इससे एक्यूआई के साथ ध्वनि प्रदूषण की स्थिति भी रीयल टाइम लोगों को बताई जा सकेगी। जरूरत होने पर इसके बाद अधिक स्टेशन लगाए जा सकते हैं। आईआईटीआर के वैज्ञानिकों का भी सहयोग लेने पर विचार होगा।
- डॉ. रामकरन, क्षेत्रीय अधिकारी, यूपीपीसीबी
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें