केंद्र सरकार ने तीन तलाक पर रोक लगाने के लिए 'द मुस्लिम वुमन प्रोटेक्शन ऑफ राइट्स ऑन मैरिज बिल' बृहस्पतिवार को लोकसभा में पेश कर दिया है। जिस पर मुस्लिम महिलाओं ने खुशी जताई है। बिल में तीन तलाक को क्रिमिनल लॉ के अन्तर्गत रखा गया है। अगर ये कानून बनता है तो तीन तलाक देने वाले को जुर्माना भरने के साथ ही जेल भी जाना पड़ेगा।
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सरकार के इस कदम पर आगरा की एक तीन तलाक पीड़ित महिला फैजा खान का कहना है कि हम इस बात से खुश है कि मोदी सरकार व योगी सरकार की कोशिश सफल होने जा रही है।
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वहीं, रामपुर के अजीमनगर की गुल अफसान का कहना है कि ये कानून बनने से अब तीन तलाक पर रोक लगेगी। गुल के शौहर ने उन्हें सुबह देर से सो कर उठने के लिए तीन तलाक दे दिया था।
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लखनऊ की एक तीन तलाक पीड़ित हुमा खयानात का कहना है कि इससे हम जैसी तीन तलाक पीड़ित महिलाओं को थोड़ी राहत मिलेगी। साथ ही उन्हें भी सहारा मिलेगा जिन्हें तीन तलाक की धमकी दी जाती है। हुमा ने कहा कि अगर घरेलू हिंसा की तरह तीन तलाक के खिलाफ भी कानून बनता है तो ये अच्छी बात होगी।
तीन तलाक के खिलाफ कानून बनाए जाने का विरोध करने वाले ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के बारे में यूपी के राज्यमंत्री मोहसिन रजा का कहना है कि जो पर्सनल लॉ बोर्ड को रिमोट से चलाते हैं वो नहीं चाहते कि तीन तलाक के खिलाफ कानून बने।