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हिंदू महासभा अध्यक्ष व कमलेश तिवारी हत्याकांड में मिली ये समानता, पूर्वांचल कनेक्शन पर भी जांच

Mon, 03 Feb 2020 07:47 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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कमलेश तिवारी, रणजीत बच्चन। - फोटो : अमर उजाला।
विश्व हिंदू महासभा के अन्तर्राष्ट्रीय अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या में .32 बोर असलहे का प्रयोग किया गया। पुलिस का कहना है कि इस तरह के अवैध असलहे की आपूर्ति पूर्वांचल के रास्ते बिहार से की जाती है। पुलिस इस हत्याकांड में पूर्वांचल व बिहार का भी कनेक्शन तलाश रही है।

वहीं जेल में बंद किराए के शूटरों व कुछ अपराधियों को चिह्नित किया गया है। जिनसे पुलिस ने पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस की एक टीम पूर्वांचल के कुछ अपराधिक गिरोह के मोबाइल नंबरों की भी पड़ताल कर रही है। ताकि उनके लोकेशन के आधार पर पड़ताल आगे बढ़ाई जा सके।
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- फोटो : अमर उजाला
राजधानी में 18 अक्तूबर 2019 को नाका इलाके में हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी की गोली मारकर हत्या की गई थी। इस हत्याकांड में शूटरों ने .32 बोर के असलहे का प्रयोग किया था। हालांकि शूटरों की गोली कमलेश को नहीं लगी थी।

इसके बाद उनको गला रेतकर मौत के घाट उतार दिया था। ठीक उसी बोर के असलहे का प्रयोग विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या में किया गया। पुलिस इस हत्याकांड को कमलेश तिवारी हत्याकांड की तरह भी तफ्तीश कर रही है।
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- फोटो : अमर उजाला
लेनदेन व पुरानी रंजिश पर टिकी तफ्तीश
विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन की हत्या के मामले में पुलिस की तफ्तीश पुरानी रंजिश व रुपये के लेनदेन पर टिकी है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक रणजीत बच्चन ने कई लोगों को नौकरी दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके नाम पर कई लोगों से रुपये लिये थे। इसी काम के लिए शनिवार को आदित्य कुमार श्रीवास्तव के साथ गोरखपुर के निवासी अभिषेक पटेल अपनी पत्नी ज्योति के साथ लखनऊ पहुंचे थे।

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- फोटो : amar ujala
रात में ओसीआर बिल्डिंग में रणजीत से मुलाकात के बाद किसी होटल में ठहरने चले गये। वहीं आदित्य रणजीत के आवास पर ही रुक गया। पुलिस को आदित्य ने बताया कि उसे रणजीत के साथ अभिषेक व उसकी पत्नी ज्योति को लेकर नोएडा जाने वाले थे।

रविवार को ही नोएडा जाने का दिन भी तय था। लेकिन उसी दिन सुबह रणजीत की गोली मारकर हत्या कर दी गई। वहीं पुरानी रंजिश और पारिवारिक विवाद के बिंदु पर भी जांच कर रही है।
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- फोटो : amar ujala
सात लोगों से पूछताछ
हत्या की सूचना मिलते ही लखनऊ पुलिस हरकत में आ गई। संयुक्त पुलिस कमिश्नर नवीन अरोड़ा, नीलाब्जा चौधरी व डीसीपी मध्य दिनेश सिंह ने बारी-बारी से कई संदिग्धों से पूछताछ की। पूछताछ की शुरुआत हत्या के वक्त साथ रहे चश्मदीद आदित्य कुमार श्रीवास्तव से हुई। आदित्य के बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने उसके साथी अभिषेक पटेल व उसकी पत्नी ज्योति पटेल से पूछताछ की गई। इसके बाद रणजीत की पत्नी कालिंदी से महिला थाना प्रभारी शारदा चौधरी की मौजूदगी में काफी देर तक पूछताछ की गई। वहीं कालिंदी शर्मा के चचेरे भाई मनोज शर्मा से भी पुलिस ने कई चक्र में पूछताछ की। इसके अलावा कुछ अन्य लोगों से भी पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान कई सुराग हाथ लगे हैं। इन सुरागों के आधार पर पुलिस हमलावरों की तलाश कर रही है।
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रणजीत बच्चन हत्याकांड का संदिग्ध। - फोटो : amar ujala
रणजीत के सिर में धंसी गोली
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक रणजीत को मारी गई गोली उनके नाक के बाएं तरफ से सिर में धंस गई। रणजीत ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं भागते वक्त दूसरी गोली बदमाशों ने आदित्य को मारी, जो उसके बाएं हाथ में लगी।
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- फोटो : amar ujala
करीब 20 मिनट लग गए पुलिस को पहुंचने में
रणजीत बच्चन की हत्या ग्लोब पार्क के पास सुबह करीब 6.30 बजे की गई। रणजीत बच्चन ओसीआर बिल्डिंग से सुबह करीब 5.27 बजे निकले थे। उनके साथ पत्नी कालिंदी शर्मा व दोस्त आदित्य कुमार श्रीवास्तव भी थे। तीनों लोग एक साथ हजरतगंज पहुंचे। इसके बाद कालिंदी वापस घर की तरफ चली गई। वहीं रणजीत व आदित्य हजरतगंज से ग्लोब पार्क की तरफ मुड़ गये। आदित्य ने वारदात के तत्काल बाद ही राहगीर की मदद से पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी।

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- फोटो : amar ujala
पुलिस को मौके पर पहुंचने 20 मिनट का समय लग गया। पुलिस ने सबसे पहले दोनों को सिविल अस्पताल लेकर गई। वहीं इसके बाद ट्रामा सेंटर पहुंचाया। ट्रामा सेंटर में आदित्य की इंट्री करीब 7.30 बजे की है। परिवर्तन चौक पर तैनात पीआरवी 1194 के हेड कांस्टेबल अनिल गुप्ता, कांस्टेबल अरविंद कुमार व चालक कांस्टेबल आशीष को निलंबित कर दिया है। वहीं लापरवाही बरतने के कारण केडी सिंह बाबू स्टेडियम पुलिस चौकी प्रभारी संदीप तिवारी को भी निलंबित कर दिया है।

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- फोटो : amar ujala
पुलिस को मिले दोनों के मोबाइल फोन
हमलावरों ने हिंदू नेता रणजीत बच्चन की हत्या को लूट का रूप दिया था। उनका और दोस्त आदित्य का मोबाइल लूट लिया था। पुलिस के मुताबिक दोनों के मोबाइल भैंसाकुंड के पास झाड़ियों में मिला। राहगीरों ने इसकी सूचना पुलिस को दी थी। मौके पर पहुंचकर दोनों मोबाइल बरामद कर लिया गया। इसकी पुष्टि के लिए आदित्य व कालिंदी शर्मा से भी मोबाइल दिखाया गया है। इसके बाद उन मोबाइल से कुछ नंबरों को चिह्नित किया गया है, जिन पर सर्वाधिक बात होती थी। इन नंबरों को प्रयोग करने वालों के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।

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- फोटो : amar ujala
पुलिस के मुताबिक हत्यारे वारदात को अंजाम देकर लक्ष्मण मेला मैदान पुल से भैंसाकुंड होकर भागे हैं। आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाली जा रही है।

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- फोटो : अमर उजाला
वारदात स्थल के आस-पास नहीं मिला फुटेज
वारदात की सूचना पर पहुंची पुलिस ने आसपास के इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगालना शुरू किया। पुलिस टीम को वारदात स्थल के आसपास से कोई सीसीटीवी कैमरे का फुटेज नहीं मिला है। पुलिस के हाथ जो फुटेज लगा है, वह हजरतगंज मुख्य बाजार का है। वहां आदित्य कुमार श्रीवास्तव द्वारा बताए गए हुलिये के हमलावर दिखे हैं।

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मृतक रणजीत बच्चन और सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने हिंदूवादी नेता रणजीत बच्चन की दिनदहाड़े पर हत्या पर योगी सरकार पर निशाना साधा। जारी किए गए बयान में उन्होंने कहा कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था के हालात बिगड़ते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री दिल्ली में प्रचार में व्यस्त हैं। यहां राजधानी में दिनदहाड़े हत्या हो गई।

रामनगरी अयोध्या में बम से हमला हुआ तो हापुड़ में दो बहनों से सामूहिक दुष्कर्म की घटना घटी। हरचंदपुर रायबरेली में युवती की हत्या हो गई। छेड़छाड़, लूट, हत्या, बलात्कार में उत्तर प्रदेश सभी राज्यों को पीछे छोड़ रहा है। विदेश तक में यूपी की बदनामी हो रही है। 2022 में सत्ता परिवर्तन के बाद ही जनता को इससे राहत मिल सकेगी।

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- फोटो : सोशल मीडिया
यूपी बन गया हत्याओं का प्रदेश : कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ‘लल्लू’
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार ‘लल्लू’ ने आरोप लगाया है कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। मुख्यमंत्री योगी अपना प्रदेश छोड़ प्रचार मंत्री के रूप में देशभर में घूम रहे हैं। यूपी हत्याओं का प्र्रदेश बन गया है। ऐसी सरकार को बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

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- फोटो : अमर उजाला
पुलिस व सरकार का इकबाल खत्म : सुभासपा
कुछ महीनों पहले तक सरकार की साझीदार रही सुभासपा के अध्यक्ष ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि राजधानी में दिन-दहाड़े हत्या से जनता में दहशत है। प्रदेश में सरकार व पुलिस का इकबाल खत्म हो गया है। कमिश्नर सिस्टम लागू होने के बाद भी मुख्यमंत्री योगी की नाक के नीचे हत्याओं का सिलसिला जारी है। मुख्यमंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए।

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रणजीत बच्चन की पत्नी कालिंदी शर्मा। - फोटो : amar ujala
रोज जाते थे दयानिधान... आखिर क्यों गए ग्लोब पार्क
रणजीत बच्चन मॉर्निंग वॉक के लिए रोजाना नगर निगम मुख्यालय के पास बने दयानिधान पार्क तक जाते थे। पर, रविवार सुबह उनका करीब डेढ़ किमी. और आगे ग्लोब पार्क तक जाना शक पैदा कर रहा कि कहीं उन्हें साजिश के तहत तो वहां नहीं ले जाया गया? पुलिस भी इसकी पड़ताल कर रही है कि क्या हत्यारों ने साजिश के तहत तो नहीं ग्लोब पार्क तक बुलाया था? पुलिस रणजीत और उनके घायल दोस्त आदित्य के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही है।

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- फोटो : amar ujala
ओसीआर बिल्डिंग से रणजीत रोजाना सुबह पांच बजे से 5.30 बजे के बीच मॉर्निंग वॉक के लिए निकलते थे। वह बिल्डिंग से ही किसी न किसी को साथ ले जाया करते थे। ओसीआर से निकलकर विधानसभा रोड होते हुए भाजपा मुख्यालय वाले मोड़ से नगर निगम के सामने बने दयानिधान पार्क तक  जाते थे। वहां टहलने व व्यायाम के बाद सामने स्थित शर्मा टी स्टॉल पर चाय पीते थे। बातचीत व विचार-विमर्श करते थे और सुबह आठ बजे तक घर लौट आते थे। घर पर एक अटेंडेंट काम के लिए आता था।

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- फोटो : amar ujala
हत्यारे ने हजरतगंज से शुरू किया था पीछा
पुलिस ने वारदात के बाद से ही ओसीआर से ग्लोब पार्क के बीच बताए गये रूट पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। आवास से एक किलोमीटर दूर हजरतगंज में रणजीत पहुंचे दिखे। वहां से परिवर्तन चौक की तरफ मुड़े। हजरतगंज से पैदल जाते दिख रहे रणजीत के पीछे एक व्यक्ति शॉल ओढ़े चल रहा था। फुटेज में कुछ दूर बाद से यह संदिग्ध व्यक्ति नहीं दिखा। इसके बाद आदित्य ने शॉल ओढ़े व्यक्ति द्वारा गोली मारे जाने की बात कही। पुलिस फुटेज को अपने कब्जे में लेेकर पड़ताल करने में जुट गई है।

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- फोटो : amar ujala
गोरखपुर में भी जांच शुरू
रणजीत बच्चन की हत्या के बाद जांच में गोरखपुर पुलिस भी सक्रिय हो गई है। हत्या की खबर मिलते ही पुलिस व क्राइम ब्रांच की टीम गुलरिहा के पतरका टोला में बन रहे रणजीत के आश्रम में पहुंची। वहां पर आश्रम के पीछे बने टीनशेड में ताला बंद था, लेकिन उसकी भी जांच की गई। कई लोगों से पूछताछ की गई, वहां से रणजीत के एक करीबी को उठाकर पुलिस पूछताछ कर रही है। उधर, बिछिया स्थित उनके रिश्तेदार के घर पहुंचकर पुलिस ने छानबीन की। पुलिस का कहना है कि छानबीन में अभी कुछ खास हासिल नहीं हो सका है। जांच जारी है।

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रणजीत बच्चन का फाइल फोटो। - फोटो : अमर उजाला
गुलरिहा में बनवा रहे थे वृद्धाश्रम
रणजीत ने करीब दस साल पहले ही गांव से नाता तोड़ दिया था। वह शाहपुर इलाके में किराए का कमरा लेकर रहने लगे और फिर वहीं उन्होंने कालिंदी से शादी भी की थी। बाद में वह लखनऊ में जाकर रहने लगे थे। गुलरिहा इलाके पतरका टोला में उन्होंने एक जमीन खरीदी थी जिस पर वृद्धा आश्रम के नाम से एक टीनशेड बनवाया था। इसका उद्घाटन भी सपा सरकार में हुआ था। इसमें कई नामी लोग शामिल हुए थे लेकिन बाद में विवाद में नाम आने के बाद सरकार बदलने पर बोर्ड को हटा दिया गया और फिर रणजीत ने उसमें ताला बंद कर दिया था। अब उसके सामने ही वह बड़ा आश्रम बनवा रहे थे।
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- फोटो : सोशल मीडिया
सीएए पर बयान से सुर्खियों में आए
लखनऊ में रहने के दौरान ही रणजीत हिंदू महासभा के चक्रपाणि महराज के संपर्क में आया और वहीं से संगठन को ज्वाइन किया। बाद में उन्होंने अखिल भारतीय हिंदू महासभा के नाम से अलग संगठन खड़ाकर खुद को अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित कर दिया। कुछ दिन पहले ही सीएए पर भड़काऊ बयान देकर काफी चर्चाओं में आए थे। उन्होंने बयान दिया था कि जो लोग सीएए का विरोध कर रहे हैं उन्हें पाकिस्तान चले जाना चाहिए।
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