भारत के प्रधानमंत्री मोदी ने भले ही शारीरिक रूप से अक्षम लोगों को दिव्यांग कहकर अपनी संवेदनशीलता का परिचय दिया हो लेकिन योगी सरकार के मंत्री ने आज कुछ ऐसा किया जो वाकई उनकी संवेदनशीलता पर सवाल उठाने वाला है।
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सत्यदेव पचौरी
मामला लखनऊ खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड के दफ्तर का है। खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री सत्यदेव पचौरी बुधवार सुबह 9.40 मिनट पर औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। वहां पहुंचे तो देखा कि एक तिहाई अफसर नदारद थे। मंत्री ने गायब अफसरों का एक दिन का वेतन काटने का निर्देश दिया। इसके बाद वहां मौजूद लोगों की एक-एक कर खुद गिनती करने लगे।
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सत्यदेव पचौरी
गिनती करते वक्त मंत्री सबसे उसकी पोस्ट भी पूछते जा रहे थे साथ में आने का वक्त भी। तभी चतुर्थ श्रेणी के एक कर्मचारी की बारी आई। मंत्री जी ने उस कर्मचारी से पद पूछा, तुम क्या हो? जवाब मिला सफाई कर्मचारी। फिर पूछा कितने बजे आते हो तो जवाब मिला सुबह सात बजे।
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सत्यदेव पचौरी
इसके बाद पूछा संविदा पर हो? हां का जवाब मिलने के बाद उन्होंने कर्मचारी को ऊपर से नीचे तक देखा और बोले, लूले-लंगड़ों को संविदा पर रख लिया है, ये क्या सफाई करेंगे। इसके बाद उस कर्मचारी को देखकर वहां मौजूद लोग हंसने लगे। इतना सुनकर कर्मचारी सकपका गया, छोटी कद-काठी के उस कर्मचारी को चलने में कुछ तकलीफ थी। इसके बाद मंत्री अफसरों को उसे नौकरी देने पर फटकारने लगे।
हालांकि ये वीडियो वायरल होने के बाद मंत्री ने सफाई दी है कि मेरे बयान को तोड़मरोड़ कर पेश किया गया है, ये मेरे खिलाफ साजिश है। वहीं मंत्री के हाथों जलील हुए उस सफाईकर्मी ने बाद में मीडिया के सामने कहा, इतने सालों से काम कर रहा हूं, इतना जलील किसी ने नहीं किया। मैं मुख्यमंत्री से शिकायत करूंगा।