बिछिया (बहराइच)। जंगल से सटे इलाकों में शुक्रवार रात में भारी वर्षा हुई। इस दौरान नई बस्ती टेड़िया गांव स्थित प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध का कच्चा मकान ढह गया। संयोग से हादसे के वक्त कमरे में कोई नहीं था।
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गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। भोर में बारिश थमने पर राज्यमंत्री ने पत्नी के सहयोग से जैसे-तैसे मलबा हटाकर सामान निकाला। एक लाख से अधिक के नुकसान का अनुमान है। सुबह लोगों को जानकारी हुई तो हालचाल पूछने वालों की भीड़ लग गई। क्षेत्रीय राजस्वकर्मी भी पहुंचे लेकिन राज्यमंत्री ने मदद लेने से इंकार कर दिया।
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प्रदेश के समाज कल्याण राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध का मकान कतर्नियाघाट रेंज क्षेत्र के नई बस्ती टेड़िया गांव में है। राज्यमंत्री गुरुवार को लखनऊ से लौटे हैं। कच्चे मकान में वह पत्नी व बेटों के साथ रहते हैं। शुक्रवार रात 11 बजे से जंगल से सटे इलाकों में भारी बारिश हो रही थी। लोग घरों में थे। राज्यमंत्री बंशीधर भी मकान के एक हिस्से में सो रहे थे।
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रात करीब एक बजे तेज आवाज के साथ छप्पर के मकान की दीवार ढह गई। संयोग से उसमें कोई नहीं था। उसमें रखा गृहस्थी का सामान व अनाज मलबे में दब गया। भोर में वर्षा का क्रम थमने पर राज्यमंत्री बंशीधर ने पत्नी लज्जावती, पुत्र अवन, दीपक और समर के सहयोग से मलबे को हटाकर दबा हुआ सामान निकाला।
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इसके बाद घर में भरे पानी को निकालने के लिए खुद नाली बनाई। सुबह जब गांव व आसपास क्षेत्र के लोगों को राज्यमंत्री का मकान ढहने की सूचना मिली तो हालचाल जानने वालों की भीड़ लग गई। राज्यमंत्री के मुताबिक छप्पर, दीवार, गृहस्थी के सामान समेत करीब एक लाख की संपत्ति का नुकसान हुआ है।
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नहीं लूंगा मुआवजा, दूसरों की करुंगा मदद
मकान का मुआवजा लेने के सवाल पर राज्यमंत्री बंशीधर बौद्ध ने कहा कि जनता ने प्रतिनिधि चुना है। ऐसे में अगर मैं भी मुआवजा लेने लगा तो जनता की मदद कैसे कर पाऊंगा। मुझे मुआवजा नहीं लेना। वर्षा के दौरान जिन लोगों का नुकसान हुआ है। उन्हें मदद दिलाने की कोशिश करुंगा।
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वंशीधर बौध यूपी बलहा से समाजवादी पार्टी के विधायक हैं। राज्यमंत्री बनने के बाद भी उनकी दिनचर्या नहीं बदली है। वो आज भी अपने कच्चे घर में रहते हैं और खेतों पर हल चलाते हैं।
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खेतों में काम करने को लेकर वंशीधर कहा कहना है कि माटी को भूल जाऊंगा तो ज्यादा दिन नहीं टिकूंगा।