घरों में एक्वेरियम में सजाने के लिए बेचे जाने वाले दुर्लभ प्रजाति के कछुओं की खेप लखनऊ के इंदिरानगर में रविवार को पकड़ी गई। खुफिया ऑपरेशन में वन विभाग की टीम ने छापा मारा और विक्रेता को दबोच लिया। वन विभाग की टीम को सूचना मिली थी कि शहर में कई स्थानों पर प्रतिबंधित कछुए बेचे जा रहे हैं। वन विभाग ने पुलिस के साथ मिलकर मुंशीपुलिया के पास छापा मारकर सीतापुर निवासी राधेश्याम को धर दबोचा।
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बरामद पछेड़ा देशी कछुए
- फोटो : amar ujala
आरोपी सड़क किनारे कांच के जार में मछलियों के साथ प्रतिबंधित कछुए बेच रहा था। उसके पास से टीम ने ‘कछुगा टेक्टा-पंगशुरा टेक्टा (पचेड़ा देशी नाम) प्रजाति के 10 नर कछुए बरामद किए हैं। उसके दो सहयोगी टीम के पहुंचते ही मौका देखकर भाग निकले। सभी बरादम कछुए 6 से 8 सेमी. तक के आकार के हैं और व्यस्क हैं। इनकी उम्र दो साल से अधिक बताई जा रही है।
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बरामद पचेड़ा देशी कछुए
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सीतापुर के गांव से लाए जाते हैं
पकड़े गए राधे श्याम ने वन अधिकारियों को बताया कि वो कछुए सीतापुर के गांवों से लेकर आता था, यहां सिसगोमती और ट्रंासगोमती के एक्वेरियम वाले 500 से 800 रुपये प्रति पीस तक खरीदते थे। पकड़े गए तो सात साल की जेल
डीएफओ अवध मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि पकड़ी गई खेप दुर्लभ प्रजाति की है, जिन्हें शेड्यूल वन श्रेणी में रखा गया है। लोग इन्हें पालकर अनजाने में अपराध करते चले जा रहे हैं। वन विभाग की जांच में मामला पकड़े जाने पर ऐसे मामले में सात साल की जेल की सजा का प्रावधान है।
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बरामद पचेड़ा देशी कछुए
- फोटो : amar ujala
अब होगी शहर भर में जांच, फिर कार्रवाई
डीएफओ अवध मनोज कुमार सोनकर ने बताया कि अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि सभी एक्वेरियम-मछली विक्रेताओं की जांच की जाए। पूछताछ में सामने आया है कि लखनऊ में इसकी बड़ी मांग रहती है। खासतौर पर मछली विक्रेताओं के यहां से।
बढ़ा कछुए पालने का शौक
कछुओं केसंरक्षण पर लंबे समय से काम कर रही विशेषज्ञ अरुणिमा सिंह के मुताबिक कछुओं की तस्करी-बिक्री महानगरों के अलावा विदेशों में भी बढ़ी है, क्योंकि इन्हें लोग कुत्तों, बिल्लियों, मछलियों और पक्षियों की ही तरह पालने लगे हैं। प्रजाति के हिसाब सेलोग इनके लिए 20 से 30 हजार तक के दाम चुकाते हैं। कछुगा टेक्टा-पंगशुरा टेक्टा प्रजाति तो आकार के लिहाज से खास है, क्योंकि इनका साइज बहुत ही छोटा रहता है। ऐसे में घरों में छोटे एक्वेरियम में रखे जा सकते हैं।