शुक्रवार को सदी के सबसे लंबे पूर्ण चंद्रग्रहण और मंगल अपोजिशन की दुर्लभ खगोलीय घटना के दिखने में बादल अड़चन बने।
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खगोलीय नजारा
- फोटो : amarujala
खगोलीय नजारा देखने के लिए लोग आसमान में टकटकी लगाए रहे, पर उन्हें निराशा ही हाथ लगी। हालांकि देर रात चंद्र ग्रहण का नजारा देखा जा सका।
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खगोलीय नजारा देखने में जुटे लोग
- फोटो : amarujala
जबकि शाम करीब 7:30 बजे से शुरू हुए मंगल अपोजिशन को भी केवल 15 मिनट के लिए ही दिखाया जा सका। मंगल अपोजिशन वह खगोलीय घटना है, जब चंद्रमा पृथ्वी के सबसे नजदीक होता है।
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खगोलीय नजारा
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शुक्रवार को इंदिरा गांधी नक्षत्रशाला और आंचलिक विज्ञान नगरी में दूरदर्शी लगाकर खगोलीय घटनाएं दिखाने का इंतजाम किया गया था। देर रात तक लोग मंगल ग्रह और चंद्रमा की खगोलीय घटना को देखने के लिए जमे रहे।
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खगोलीय नजारा
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छिटपुट बारिश के रूक-रूककर थमने के समय ही आकाश दर्शन कराया जा सका। वैज्ञानिक अधिकारी सुमित श्रीवास्तव ने बताया कि मंगल ग्रह के अपोजिशन को शाम को 7:30 बजे से 7:45 बजे के बीच केवल 15 मिनट के लिए दिखाया जा सका।
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खगोलीय नजारा
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इसके बाद कई बार प्रयास हुए पर सफलता नहीं मिली। चंद्रगरण करीब 11:30 बजे शुरु हुआ।