लखनऊ की एक एजूकेशन सोसाइटी द्वारा आम का लुत्फ लेने के लिए एक खास जश्न ए आम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
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'जश्न-ए-आम' की शाम में खो गई ये विदेशी मेहमान
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इस कार्यक्रम में कई देशी विदेशी मेहमानों को बुलाया गया।
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इस महफिल में पद्मश्री कलीमुल्लाह तो शामिल तो नहीं थे लेकिन उनका जिक्र जरूर हुआ।
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जश्न ए आम गालिब और बेसन की रोटी का उद्घाटन करते हुए डा. असमत मलिहाबादी ने कहा कि कलीमुल्लाह का कहना है कि आम का लुत्फ लेना है तो आराम आराम से खाएं उसका जायका ले क्योंकि आम बहुत नाजुक होते हैं।
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इस जश्न में शायर व कवियों ने अपने अपने अंदाज से गालिब और आम की तारीफ में नजराना पेश किया।
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कार्यक्रम का हिस्सा बनने वालों में सभी उम्रवय के लोग शामिल थे।
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कार्यक्रम में अलग-अलग तरह की प्रजातियों के आम के फलों को रखा गया था।