लखनऊ में हुसैनगंज के बरफखाना मुहल्ले में मंगलवार रात मकान पर कब्जेदारी के विवाद में अधिवक्ता हिमांशु जैसवार ने ताई कलावती (60) पर चाकू से हमला कर दिया। कलावती गंभीर रूप से घायल हो गईं। चीखें सुनकर बचाने आए कलावती के बेटे नरेश (38) को भी हिमांशु ने चाकू मारे।
दोनों को लहूलुहान करने के बाद अधिवक्ता मौके से भाग निकला। परिवारीजन मां-बेटे को सिविल अस्पताल ले गए जहां कलावती को मृत घोषित कर दिया गया। नरेश की हालत गंभीर देखते हुए उसे ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया है।
पुलिस ने अधिवक्ता हिमांशु पर हत्या और हत्या के प्रयास का केस दर्ज किया है। परिवार की एक महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के साथ ही हिमांशु की तलाश में टीमें दबिश दे रही हैं। हजरतगंज के क्षेत्राधिकारी अभय कुमार मिश्रा ने बताया कि बरफखाना मुहल्ले की मुराद अली लेन में कलावती का पुश्तैनी मकान है।
बहस के बाद किया हमला
प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
मकान की पहली मंजिल पर वह बेटे नरेश, राकेश और बेटी सरिता के साथ रहती हैं, जबकि भूतल पर देवर ओमप्रकाश का परिवार रहता है। ओमप्रकाश का बेटा हिमांशु वकालत करता है। दोनों के बीच लंबे समय से मकान पर कब्जेदारी को लेकर विवाद चल रहा है।
मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे हिमांशु पहली मंजिल पर स्थित ताई के कमरे में पहुंचा और मकान में हिस्सेदारी को लेकर झगड़ा करने लगा। दोनों के बीच बहस हुई। गुस्साए हिमांशु ने चाकू निकालकर कलावती पर हमला कर दिया।
बहन पर भी ताना चाकू
उनकी चीखें सुनकर बेटा नरेश दौड़ा। उसने मां को बचाने के लिए हिमांशु को पकड़ने की कोशिश की। हिमांशु ने उसकी गर्दन में चाकू घोंप दिया। इस बीच मां और भाई की चीखें सुनकर सरिता दौड़ी तो हिमांशु ने उस पर भी चाकू तान दिया। वह घबराकर रोने लगी, तभी हिमांशु उसे धमकाते हुए भाग निकला।
सूचना पाकर हुसैनगंज पुलिस भी आ गई। कलावती और नरेश को सिविल अस्पताल ले जाया गया। कलावती की मौत हो गई। क्षेत्राधिकारी ने बताया कि हिमांशु, उसका भाई निखिल व अन्य परिवारीजन घर से भागे हुए हैं। पुलिस को घर पर सिर्फ परिवार की एक महिला मिली जिसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।