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लखनऊ यूनिवर्सिटी में अब पढ़ें लखनवी तहजीब और मेहमाननवाजी का पाठ, उर्दू पत्रकारिता भी सीखें

Mon, 10 Sep 2018 12:59 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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lucknow - फोटो : amar ujala
पूरे विश्व में अपना अलग स्थान रखने वाली लखनवी तहजीब और मेहमाननवाजी अब पाठ्यक्रम में भी नजर आएगी। लखनऊ विश्वविद्यालय का उर्दू विभाग अवध कल्चर के नाम से नया पाठ्यक्रम शुरू करने जा रहा है। इसमें अवध कल्चर के बारे में पूरी जानकारी होगी। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से लविवि लखनऊ के युवाओं और बाहरी विद्यार्थियों को अपनी पुरानी परंपराओं से अवगत कराएगा। साथ ही, विभाग में उर्दू पत्रकारिता का पाठ्यक्रम शुरू करने की भी योजना है।
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lucknow university - फोटो : amar ujala
अन्य भाषाओं की तरह उर्दू की स्थिति भी बहुत बेहतर नहीं है। स्नातक और परास्नातक दोनों स्तर पर उर्दू की सीटें मुश्किल से ही भरती हैं। ज्यादातर भाषाओं में दाखिला न होने की मुख्य वजह डिग्री के बाद रोजगार उपलब्ध न होना बताया जाता है। उर्दू लखनऊ की जुबान रही है, लेकिन आज इसमें दाखिले तलाशने पड़ रहे हैं। इसको देखते हुए उर्दू विभाग कुछ नया करने की कोशिश कर रहा है। इसी कड़ी विभागीय स्तर पर अवध कल्चर और उर्दू पत्रकारिता नाम से दो नये पाठ्यक्रम शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। 
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- फोटो : amar ujala
जल्द ही इसकी बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाई जाएगी। इसके बाद विभिन्न समितियों और कार्य परिषद से मंजूरी मिलते ही इसमें अगले सत्र से दाखिले शुरू होंगे। विभागाध्यक्ष प्रो. अब्बास रजा नैयर ने बताया कि अवध कल्चर पाठ्यक्रम में लखनऊ की पुरानी परंपरा और तहजीब को बताया जाएगा। इससे लखनऊ की संस्कृति और विरासत के लुप्त हो रहे पहलुओं को एक बार फिर से प्रासंगिक बनाने की कोशिश होगी। 

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urdu - फोटो : amar ujala
दूसरा पाठ्यक्रम उर्दू पत्रकारिता का है। लविवि में पत्रकारिता का पाठ्यक्रम है पर इसमें उर्दू पत्रकारिता नहीं है। अलीगढ़ मुस्लिम विवि और जामिया जैसे विवि में उर्दू पत्रकारिता की पढ़ाई होती है। इसको देखते हुए विभाग ने उर्दू पत्रकारिता का पाठ्यक्रम शुरू करने की तैयारी शुरू की है।
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डेमो - फोटो : डेमो
परास्नातक स्तर पर होंगी उर्दू की तीन शाखाएं
विभागाध्यक्ष प्रो. अब्बास रजा नैयर ने बताया कि उर्दू में इस समय सिर्फ साहित्य की पढ़ाई होती है। अब इसे तीन भागों में बांटने की योजना है। पहली शाखा उर्दू साहित्य होगी, दूसरी उर्दू पत्रकारिता तथा तीसरी अवध कल्चर के नाम से होगी। इसके लिए जल्द ही बोर्ड ऑफ स्टडीज की बैठक बुलाई जाएगी।
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demo pic
उर्दू के सही उच्चारण के लिए बनेगी लैंग्वेज लैब
लविवि का उर्दू विभाग लोगों को उर्दू का सही उच्चारण करना सिखाएगा। इसके लिए विभाग में उर्दू की लैंग्वेज लैब स्थापित की जाएगी। लैंग्वेज लैब में कंप्यूटर और माइक द्वारा अभ्यर्थियों को उर्दू के शब्दों का सही उच्चारण करना सिखाया जाएगा। इसके अलावा लैंग्वेज लैब के माध्यम से एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे, जिससे कि विभिन्न विशेषज्ञ लविवि से जुड़ सकेंगे। विभागाध्यक्ष प्रो. अब्बास रजा नैयर ने बताया कि उर्दू सीखने का शौक रखने वालों को इसका काफी फायदा मिलेगा। हमारा मकसद लोगों को उर्दू का सही उच्चारण सिखाना है।
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