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नवाबों को ‘गर्मी’ न लगे इसके लिए महलों में होते थे ये इंतजाम

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भयंकर गर्मी में आज हम खुद का ठंडा रखने के लिए एसी, कूलर व पंखों का इस्तेमाल करते हैं। खाने में  कुल्फी, पना, बेल का शरबत, कोल्ड ड्रिंक पीते हैं। वैसे ही नवाबों के समय में गर्मियां से निपटने की विशेष व्यवस्थाएं रहती थी।
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नवाबों को ‘गर्मी’ न लगे इसके लिए महलों में होते थे ये इंतजाम

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पेट की गर्मी मिटाने के लिए शहतूत, बेल, तरबूज, खरबूज, फालसे, संतरा, अनार, आमपना इत्यादि चलन में था। पेश है नवाबी काल में गर्मी से बचने के नुस्खे।
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गर्मी में वही खाया जाता था जो तरावट देता था। तुखमलंगा का शर्बत बहुत पिया जाता था। आगे देखें कैसे बनता है तुखमलंगा ड्रिंक...

नवाबों को ‘गर्मी’ न लगे इसके लिए महलों में होते थे ये इंतजाम

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तुखमलंगा सौंफ की तरह होती थी, जिसे दो से तीन घंटे पानी में भिगोकर रखते है। इसके बाद चीनी व केवड़ा मिलाकर तैयार किया जाता था।
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नवाब जाफर बताते है कि पेट की गर्मी मिटाने के लिए शहतूत, बेल, तरबूज, खरबूज, फालसे, संतरा, अनार, आमपना इत्यादि चलन में था।
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अवध में ही मीठे व ठंडे दही से बनी डिश ‘दाग’ ईजाद हुई, जिसे बहुत पसंद किया जाता है। इसमें कतरी हुई ककड़ियां, हल्की लाल मिर्च भी मिलाई जाती थी।
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खरबूजे को ऊपर से हलका सा काटकर हांडी बनाई जाती थी, इसके बाद अंदर के बीज निकालकर साफ कर लिए जाते थे। इसके बाद खरबूजे के गूदे को क्रश करते थे, उसमें चीनी व बर्फ मिलाकर ठंडा होने के लिए रख देते थे।
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इसके अतिरिक्त गूलर, लौकी व ककड़ी के कबाब भी गर्मी में खाए जाते थे। सबसे ज्यादा इस्तेमाल करेले का होता था। सफेदा आम भी बहुत ही खास था। पानी में डालने से आम की गर्मी निकल जाती है, फिर यह बहुत ही मजेदार बन जाता है।
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