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UP: रात में 1.34 बजे तक ऑनलाइन थे मानवेंद्र, आखिर क्या छिपा रहे घरवाले? अक्षत ने गुमराह करने को चली थी ये चाल

Wed, 25 Feb 2026 11:12 AM IST
शाहरुख खान अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ के आशियाना सेक्टर एल में पैथोलॉजी संचालक और शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या की गुत्थी उलझ रही है। परिजनों का कहना है कि उन्हें गोली चलने की कोई आवाज सुनाई नहीं दी। परिजनों के इस बयान से पुलिस को संदेह हो रहा है।
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Lucknow murder - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के आशियाना सेक्टर एल में पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की हत्या के मामले में नई-नई जानकारी सामने आ रही है, जिससे रहस्य और गहरा गया है। यह वारदात 20 फरवरी की सुबह करीब साढ़े चार बजे हुई थी। उस समय मानवेंद्र के भाई अरविंद की पत्नी दूसरे तल पर बच्चों के साथ सो रही थीं। अक्षत ने इसी दौरान अपने पिता को गोली मार दी। हालांकि, परिजनों का कहना है कि उन्हें गोली चलने की कोई आवाज सुनाई नहीं दी। मानवेंद्र के भाई अरविंद ने बताया कि परिवार सो रहा था, इसलिए उन्हें कुछ पता नहीं चला। 

परिजनों के इस बयान से पुलिस को संदेह हो रहा है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, मानवेंद्र अपने बेटे और बेटी के साथ एक ही कमरे में सोते थे। यह तथ्य भी मामले को और उलझा रहा है। सवाल ये है कि आखिर परिजन क्या छिपा रहे हैं।  
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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : शुभम बंसल
घटना के वक्त कमरे में उनकी बेटी कृति भी मौजूद थी। कृति के सामने ही अक्षत ने वारदात को अंजाम दिया। कृति तब से सदमे में है। पुलिस कृति को सरकारी गवाह बनाने की तैयारी कर रही है। मंगलवार को कृति से पूछताछ की गई। 
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
कृति ने कहा कि मां की मौत के बाद से भाई और पिता का ही सहारा था। पिता की हत्या के बाद भाई भी जेल चला जाएगा। ऐसे में वह किसके साथ रहेगी। हत्या के मामले में पूछने पर कृति ने चुप्पी साध ली। 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
उधर, अरविंद ने बताया कि 12 से 22 फरवरी तक वह छुट्टी लेकर घर बनवाने जालौन गए थे। घटना की जानकारी पाकर वह लखनऊ पहुंचे। दोस्त मुकुल ने बताया कि 19 फरवरी को उनकी मुलाकात मानवेंद्र से हुई थी। दोस्त धर्मेंद्र ने बताया कि 19 की रात में मानवेंद्र एक बजकर 34 मिनट तक ऑनलाइन थे। 
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
अक्षत ने बनाया था व्हाट्सएप ग्रुप, पापा लौट आओ 
परिजनों और मानवेंद्र के दोस्तों को गुमराह करने के लिए अक्षत ने पिता के लापता होने की अफवाह उड़ाई। व्हाट्सएप ग्रुप भी बनाया। इसमें मानवेंद्र के दोस्तों को जोड़ा। ग्रुप में वह लिखता रहा, 'पापा, आप कहां हो। प्लीज वापस आ जाओ... कृति और मैं आपको मिस कर रहे हैं।' 

 
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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद आरोपी बेटे को घर लाती पुलिस - फोटो : शुभम बंसल
किसी को शक न हो, इसके लिए अक्षत मानवेंद्र के दोस्तों के साथ पिता की तलाश का नाटक करता रहा। सूत्रों का कहना है कि अक्षत ने ग्रुप इसलिए बनाया था कि उसे सारी गतिविधियों की जानकारी हो सके।
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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद आरोपी बेटे को घर लाती पुलिस - फोटो : शुभम बंसल
दीवार को पेंट कर साफ की खून की छींटें
मानवेंद्र के सिर में गोली लगने से चारों तरफ खून बिखर गया था। छींटे दीवारों पर लग गए थे, जिन्हें साफ करने के लिए अक्षत पेंट खरीद कर लाया और दीवार पेंट किया। इस मामले में मानवेंद्र के पिता से बात करने की कोशिश की गई, लेकिन उन्होंने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया। बुधवार को शव का अंतिम संस्कार किया जाएगा।
 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद मौके पर पहुंची पुलिस - फोटो : अमर उजाला
यह था मामला
लखनऊ के आशियाना के सेक्टर एल में रहने वाले शराब कारोबारी व पैथोलॉजी संचालक मानवेंद्र सिंह (49) की उन्हीं के बेटे अक्षत प्रताप सिंह (21) ने गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद शव के टुकड़े कर दोनों हाथ व पैर पारा के सदरौना इलाके में फेंक दिए। सिर सहित धड़ घर के भीतर ड्रम से बरामद किया गया है। पुलिस ने बेटे के खिलाफ हत्या और साक्ष्य छिपाने की धारा में प्राथमिकी दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है।

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शराब कारोबारी हत्या के बाद घटनास्थल पर पहुंचे पिता - फोटो : अमर उजाला
डीसीपी मध्य विक्रांत वीर के मुताबिक, 21 फरवरी को आशियाना थाने पर मानवेंद्र सिंह की गुमशुदगी की शिकायत मिली थी। पुलिस ने सचिवालय सुरक्षा में तैनात मानवेंद्र के भाई अरविंद कुमार से मामले की जानकारी ली। इसके बाद अक्षत से पूछताछ की तो पता चला कि मानवेंद्र बेटे पर नीट परीक्षा की तैयारी का दबाव बना रहे थे। 

 

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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला
20 फरवरी को सुबह 4:30 बजे इसी बात को लेकर पिता-पुत्र में विवाद हो गया। गुस्से में आकर अक्षत ने पिता को लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी। मानवेंद्र की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के वक्त अक्षत की छोटी बहन कृति अपने कमरे में सो रही थी। 

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आरोपी बेटा - फोटो : अमर उजाला
आवाज सुनकर वह कमरे में पहुंची तो पिता का शव कमरे में पड़ा था। मानवेंद्र के पिता सुरेंद्र पाल सिंह सेवानिवृत्त दरोगा हैं। वह जालौन में रहते हैं। घटना की सूचना पर आशियाना पहुंच गए हैं। पुलिस ने शव के टुकड़ों को पोस्टमार्टम हाउस में रखवाया है। हाथ और पैर बरामद कर लिए गए हैं।

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शराब कारोबारी हत्या के बाद पुलिस को मौके पर लेकर जाता आरोपी बेटा - फोटो : शुभम बंसल
हाथ-पैर फेंके, सिर सहित धड़ घर में ड्रम में मिला
वारदात मकान के तीसरे तल पर हुई। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि हत्या के बाद वह शव को घसीटते हुए भूतल पर लाया। यहां खाली कमरे में शव रख दिया। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने का प्लान बनाया।

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शराब कारोबारी मानवेंद्र सिंह की हत्या के बाद गमगीन परिजन - फोटो : शुभम बंसल
पहले कार में लादकर गोमती नदी में फेंकने की साजिश रची, लेकिन शव का वजन ज्यादा था। इससे वह अकेले ऐसा नहीं कर पाया। इसके बाद आरी खरीदकर लाया और पिता के शव के टुकड़े कर दिए। 

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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
धड़ ठिकाने नहीं लगा सकने पर नीला ड्रम खरीदकर लाया और उसमें डाल दिया। इससे पहले कि अक्षत धड़ को ठिकाने लगाता उसकी करतूत उजागर हो गई।
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शराब कारोबारी हत्या के बाद विलाप करते परिजन - फोटो : अमर उजाला
बहन को घर में रखा बंद
अक्षत ने जब पिता की हत्या की तब छोटी बहन भागकर कमरे में पहुंची थी। लेकिन अक्षत ने जान से मारने की धमकी देकर उसे चुप करा दिया। उसे चार दिन तक घर में बंद करके रखा था। 

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