पीएम मोदी शुक्रवार को लखनऊ में थे। शहर पहुंचते ही मेयर डॉ दिनेश शर्मा ने उन्हें शहर की चाभी दी। क्या आप जानते हैं जब कोई उच्च पदस्थ व्यक्ति शहर में आता है तो मेयर क्यों देते हैं उसे चाभी, जानें यहां...
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मेयर ने दी थी पीएम को शहर की चाभी, आखिर क्यों?
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पीएम बनने के बाद प्रधानमंत्री मोदी पहली बार लखनऊ आए थे। एयरपोर्ट पर उनके स्वागत के लिए गृहमंत्री, राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित कई लोग मौजूद थे।
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इन सबके साथ शहर के मेयर डॉ. दिनेश शर्मा भी थे। शहर में आने के बाद उन्होंने पीएम मोदी को औपचारिक रूप से शहर की चाभी सौंपी। आगे जानें क्यों दी जाती है चाभी..
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जानकारी के मुताबिक चाभी देने की परंपरा काफी पुरानी है। एक मान्यता है कि भगवान राम जब वनवास गए तो भरत ने सिंहासन पर राम के खड़ाऊ रखे थे। उनके वापस आने पर वो खड़ाऊ और राज्य की चाभी उन्होंने राम को सौंपी थी।
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इसका सांकेतिक मतलब था कि आप अयोध्या के राजा हैं, अपनी अयोध्या संभालें। ये परंपरा मुगल काल से लेकर अंग्रेजों तक आगे बढ़ती चली गई।
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अंग्रेजों के बाद इस परंपरा को निभाने का काम शहर के मेयर करते हैं। इसी परंपरा के चलते पीएम मोदी के शहर आते ही मेयर डॉ. दिनेश ने उन्हें चाभी सौंपी।
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लखनऊ आने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का न तो सेल्फी वाला अंदाज दिखा, न ही वे न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वॉयर और सिडनी के एल्फोंस एरीना में सम्मोहित करने वाले नायक दिखे।
बीबीएयू में भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी प्रेक्षागृह में मोदी नायक कम, मंझे हुए नेता, जिम्मेदार शिक्षक और बेरोजगार युवाओं के चिंतित अभिभावक के रूप में ज्यादा नजर आए। वहीं उन्हें शहर में कहीं-कहीं विरोध का सामना भी करना पड़ा।