लखनऊ महोत्सव में इस बार कई नए रंग जुड़ गए। स्थानीय कलाकारों की प्रस्तुतियों के अंतर्गत संगीत के विविध विधाओं का गुलदस्ता खूब सजा। स्थानीय कलाकारों की शाम की प्रस्तुतियों में जहां खूबसूरत लोक धुनों में रचे गीत थे, वहीं शास्त्रीय नृत्य के कार्यक्रम भी हुए। भोजपुरी गायक दिवाकर द्विवेदी ने रामचरित मानस की चौपाइयों के बाद कई लोक गीत सुनाए। युवा गायक हर्षित कुमार मिश्र ने ऐ दिल है मुश्किल, नशे सी चढ़ गई सहित कई फिल्मी गीत सुनाए। संजोली पांडेय ने जहां पर्यटन गीत मैं उत्तर प्रदेश हूं, अपना हाल बताने आया हूं, वहीं बेटी बचाओ अभियान से जुड़ा गीत भी सुनाया। बाल कलाकार अभिवंदन बिज ने एकल तबला वादन की प्रस्तुति की, जिसमें उन्होंने उठान, बांट, रेला, टुकड़ा, परन, बेदम तिहाई, चक्करदार बजाया। संध्या में निशी मिश्र एवं साथियों ने शास्त्रीय नृत्य के अंतर्गत गणेश वंदना पर भाव प्रदर्शन किया। दिया सिंह ने फिल्मी गीतों पर नृत्य किया। कार्यक्रम का संचालन अनीता सहगल ने किया। (दीया सिंह व संजीली पांडेय।)