सीरियल किलर सलीम, रुस्तम व सोहराब।
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सीरियल किलर भाइयों ने फैलाई दहशत
लखनऊ से लेकर दिल्ली तक सीरियल किलर ब्रदर्स के नाम से कुख्यात सलीम, सोहराब, रुस्तम के नाम पर कई ऐसी दुस्साहसिक वारदातें दर्ज हैं कि जिनसे राजधानी दहल गई थी। सभी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं लगती हैं। 2004 के रमजान में सलीम, सोहराब, रुस्तम के छोटे भाई शाहजादे की हुसैनगंज इलाके में दबंगों ने हत्या कर दी। तीनों भाइयों ने ठीक एक साल बाद बदला लिया। सलीम, सोहराब, रुस्तम ने भाई के तीन हत्यारों को महज एक घंटे के अंदर हुसैनगंज खदरा और मड़ियांव इलाके में मौत के घाट उतार दिया।
वारदात अंजाम देने के बाद तीनों ने तत्कालीन एसएसपी आशुतोष पांडेय को फोन पर सूचना भी दी थी। इसके बाद से ही तीनों सीरियल किलर ब्रदर्स के नाम से कुख्यात हो गए। वजीरगंज इलाके में बसपा सरकार के दौरान स्वास्थ्य कर्मचारी और समाजसेवी सैफी की दिनदहाड़े हत्या कर दी। सीरियल किलर भाइयों ने 30 सितंबर 2013 को भीड़भाड़ वाले अमीनाबाद बाजार में सरेशाम भाजपा पार्षद श्यामनारायण पांडेय उर्फ पप्पू पांडेय की हत्या करवा दी। पप्पू पांडेय की हत्या खौफ कायम रखने के लिए करवाई थी। संभल के पूर्व सांसद शफीक उर रहमान वर्क के नाती फैज की चौक इलाके में गोलियों से भून कर हत्या करवा दी थी। कुछ दिन पहले सीरियल किलर भाइयों का नाम झारखंड के रांची गोली कांड में आया। इनके शूटरों ने ही इस कांड को अंजाम दिया।