राजधानी लखनऊ में मंगलवार शाम खौफनाक हादसे में वजीर हसन रोड स्थित एक पांच मंजिला अपार्टमेंट ताश के पत्तों की तरह ढह मलबे में तब्दील हो गई। पांच मंजिला इमारत में करीब 16 फ्लैट बने हुए थे। इन सभी में परिवार रह रहे थे। करीब 6:15 बजे शाम को हुए हादसे में 50 से अधिक लोग दब गए। करीब आठ बजे रेस्क्यू ऑपरेशन यहां नेशनल डिजास्टर रेस्पोंस फोर्स (एनडीआरएफ) ने पुलिस और अग्निशमन विभाग के साथ शुरू किया। शासन, प्रशासन, पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों सहित खुद उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक, नगर विकास मंत्री एके शर्मा बचाव कार्य के लिए पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि भूतल पर बनी पार्किंग में खोदाई कार्य चालू था। इसमें ड्रिलिंग बिल्डर की तरफ से कराई जा रही थी। जब हादसा हुआ। उस समय भी ड्रिलिंग होने की आवाजें लोगों ने सुनीं।
Lucknow Building Collapse:
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, हादसे के बाद लोगों ने आंखों देखी भी बताई। कर्नल एससी सेठी का घर अलाया अपार्टमेंट से सटा हुआ है। कर्नल सेठी बताते हैं, हादसे के समय मैं बाथरूम में था। उस समय ड्रिलिंग की आवाज आ रही थी। अचानक से पूरा बाथरूम हिल गया। लगा जैसे भूकंप आ गया हो।
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खिड़कियों के कांच तक बजने लगे। बुरी तरह डर गए थे। बाहर निकल कर देखा तो अपार्टमेंट ढह चुका था। चारों तरफ केवल मलबा दिख रहा था। लोग अंदर दबे हुए थे। समझ में ही नहीं आया कि क्या करें। पुलिस कंट्रोल रूम को सूचित कराया।
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धमाके के साथ मलबे में बदल गया अपार्टमेंट
पास के मकान में सुरक्षागार्ड एके बाजपेई बताते हैं, मैं गार्ड रूम में बैठा हुआ था। तभी धमाके की आवाज आई। बाहर आकर देखा तो धूल का गुबार उठा हुआ था। इमारत के पास जाकर देखा तो पता चला कि मलबे में लोग दबे हुए हैं।
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करीब एक घंटे के बाद पुलिस और रेस्क्यू के लिए टीमें मौके पर पहुंचीं। स्थानीय निवासी अपार गुप्ता कहते हैं कि कई दिनों से यहां काम चालू था। ड्रिलिंग और तोड़फोड़ की आवाज से सोना तक मुश्किल हो गया था। हादसे से पहले भी ऐसी आवाजें आ रही थीं।
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बिल्डर से पूछा तो कहा, फर्श में टाइल्स लगवाने हैं
मलबे में दबे परिवार के रेस्क्यू के लिए पहुंचे जीशान ने बताया कि बिल्डर कुछ दिन से काम करा रहा था। खोदाई भी कराई थी। उससे पूछा, क्या करा रहे हो? इस पर बिल्डर ने जवाब दिया कि फर्श खराब हो गई है। इसे तोड़कर नए टाइल्स लगवाएंगे। हमको क्या मालूम था कि ऐसा हादसा हो जाएगा। जीशान का रो-रोकर बुरा हाल था।
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24 घंटे पहले ही हुआ था झगड़ा
कृष्णानगर निवासी रंजना अवस्थी की बेटी फ्लैट नंबर-301 में परिवार सहित रहती हैं। वह बताती हैं कि नीचे स्टिल्ट पार्किंग में कोई पाइप डालने का काम बिल्डर करा रहा था। मेरी बेटी आलोका ने इसका विरोध भी किया था। इसको लेकर सोमवार को झगड़ा भी हुआ था।
लखनऊ में गिरी पांच मंजिला इमारत
- फोटो : अमर उजाला
बिल्डर का कहना था कि पानी की दिक्कत हो रही है। इसको दूर कराने केलिए काम कराया जाना जरूरी है। बिल्डिंग झुकने का आभास होते ही आलोका वहां से निकलकर भागी। बेटी को इतना भी समय नहीं मिला कि कोई जरूरी सामान भी ले पाती। पड़ोसी मित्र के यहां अब वो रुकी है।
इमारत में रहने वाली आलोका अवस्थी
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एक दिन पहले दावत, अब भयावह हालात
मध्य क्षेत्र से विधायक रविदास मेहरोत्रा भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने बताया कि सपा प्रवक्ता अब्बास हैदर के फ्लैट में पिता अमीर हैदर, मां बेगम अमीर हैदर व बेटा मुस्तफा रहते थे। सोमवार को ही माता-पिता की 50वीं शादी की सालगिरह मनाई थी। फ्लैट में एक पार्टी भी रखी गई थी। अब फ्लैट मलबे में तब्दील हो चुका है।