सरयू के कछार क्षेत्र में स्थित गांव में अरसे से आतंक का पर्याय बनी मादा तेंदुआ शनिवार सुबह रेहुआ मंसूर गांव के निकट पिंजरे में फंस गई। उसे लखनऊ चिड़ियाघर भेजा गया है। पिंजरे में फंसी मादा तेंदुआ के एक शावक को शुक्रवार को ग्रामीणों ने पकड़ लिया था। दूसरा शावक बिछड़ गया है। उसे पकड़ने के लिए चार स्थानों पर पिंजरे लगे हुए हैं।
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तेंदुए को देखने आए ग्रामीण
तेंदुए के पकड़े जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। हालांकि तेंदुए के शावक के क्षेत्र में होने से लोग सशंकित भी हैं। उसे पकड़ने के लिए वन विभाग की कांबिंग जारी रहेगी। बहराइच वन प्रभाग के रामगांव व हरदी थाना का अधिकांश इलाका कछार का है। भौगोलिक परिस्थिति अनुकूल होने के चलते इस इलाके में साल भर से तेंदुओं का आतंक है।
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पिंजरे में कैद तेंदुआ
तेंदुओं ने दो बच्चों के साथ 18 से अधिक मवेशियों को अब तक निवाला बनाया है। तेंदुए के हमले से परेशान ग्रामीण कई बार प्रदर्शन भी कर चुके हैं। इस पर बीते जुलाई माह में आजादनगर, मुकेरिया, रेहुआ मंसूर और बसौनामाफी गांव के निकट चार पिंजरे लगाए गए थे। 27 जुलाई को एक मादा तेंदुआ पिंजरे में बसौनामाफी गांव के निकट कैद हुई थी। लेकिन आतंक थमा नहीं था। शुक्रवार को मादा तेंदुआ दो शावकों के साथ नजर आई।
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तेंदुए को देखने आए ग्रामीण
ग्रामीणों ने घेराबंदी कर एक शावक को पकड़ लिया। जबकि दूसरे शावक के साथ तेंदुआ गन्ने के खेत में घुस गई। इस पर वन विभाग ने निगरानी तेज की। डीएफओ आरपी सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह छह बजे के आसपास शिकार की तलाश में मादा तेंदुआ निकली और पिंजरे में फंस गई। तेंदुए को सुरक्षित पिंजरे में कैद कर चिड़िया घर लखनऊ भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में चार तेंदुओं के होने का पता चला था। अबतक तीन पकड़े जा चुके हैं। एक अन्य को पकड़ने के लिए चारो पिंजरे लगे हुए हैं।
वन विभाग की टीम निरंतर गश्त कर रही है। दो घंटे तक जमा रही भीड़, लोग रहे दहशतजदा मादा तेंदुआ के पिंजरे में फंसने की सूचना पाकर रेहुआ मंसूर के अलावा आसपास गांव के लोग एकत्रित हो गए। डीएफओ आरपी सिंह के साथ वन क्षेत्राधिकारी सदर डीके सिंह, वन दरोगा दीपक सिंह मौके पर पहुंचे। लेकिन भीड़ अधिक होने पर रामगांव थाने की पुलिस बुलानी पड़ी। उपनिरीक्षक धर्मवीर सिंह ने दलबल के साथ मौके पर पहुंचकर भीड़ को नियंत्रित किया।