समायोजन की मांग को लेकर आकाशवाणी के सामने रोड जाम कर रहे पुलिस आरक्षी भर्ती-2015 के अभ्यर्थियों को पुलिस ने लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया। इससे मची भगदड़ के चलते काफी देर तक सड़क पर जाम लगा रहा। पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को हिरासत में लिया है।
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प्रमुख सचिव, गृह से वार्ता विफल होने के बाद पुलिस आरक्षी भर्ती अभ्यर्थियों ने मंगलवार को लक्ष्मण मेला मैदान से विधानभवन की ओर कूच किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेडिंग कर रोक लिया।
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इसके बाद एडीएम के समझाने पर घर जाने का बहाना कर सैकड़ों अथ्यर्थी शाम को आकाशवाणी के पास स्थित पुलिस भर्ती बोर्ड कार्यालय का घेराव करने पहुंच गए।
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प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे बीर बहादुर सिंह ने बताया कि सपा सरकार ने नवंबर-दिसंबर-2015 में सिपाहियों की 35000 पदों पर भर्ती निकाली थी, लेकिन राजनीति के चलते भर्ती प्रक्रिया के खिलाफ उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल कर दी गई।
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इस पर कोर्ट ने 27 मई-2016 को एक अंतरिम आदेश जारी कर परीक्षाफल के अंतिम प्रकाशन पर रोक लगा दी। इस सिलसिले में प्रमुख सचिव, गृह मणि प्रसाद मिश्रा से वार्ता कर उन्हें बताया गया कि सरकार के अधिवक्ता न्यायालय में प्रभावी पैरवी नहीं कर रहे हैं। इसकी वजह से अपेक्षित परिणाम नहीं मिल पा रहा है।
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प्रमुख सचिव ने 16 दिसंबर तक न्यायालय में डेट लगवाने का आश्वासन दिया, लेकिन अभ्यर्थी सहमत नहीं हुए। उन्होंने धरना स्थल लौटकर विधानभवन की ओर कूच का एलान कर दिया। पुलिस ने उन्हें लक्ष्मण मेला मैदान ओवरब्रिज के नीचे रोक लिया।
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इस दौरान एसीएम प्रथम देवेंद्र प्रताप सिंह ने अभ्यर्थियों को समझा-बुझाकर घर लौटने को राजी करा लिया, लेकिन अभ्यर्थी लक्ष्मण मेला मैदान से शाम को छह बजे पुलिस भर्ती बोर्ड कार्यालय पहुंच गए और घेराव कर सड़क जाम करने लगे।
मेट्रो का कार्य के चलने के कारण एक तरफ की सड़क पहले से ही बंद है। दूसरी तरफ की सड़क पर जाम लगने से वहां जबरदस्त जाम लग गया। इस पर पुलिस को लाठीचार्ज कर अभ्यर्थियों को खदेड़ना पड़ा। पुलिस ने कई अभ्यर्थियों को हिरासत में भी लिया है।