फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कुमार विश्वास बोले, 'यूपी में है लालबत्तियों की फैक्टरी'

Wed, 18 Feb 2015 09:00 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, लखनऊ
विज्ञापन
1 of 5
यूपी में लालबत्तियों की फैक्टरी है..., ‘भंवर में है सफीना लेके हम पतवार बैठे हैं...., किनारे दर्द की बस्ती के साहूकार बैठे हैं...’। यूपी पर तंज कसती ये पंक्तियां मंगलवार को कवि कुमार विश्वास ने सुनाई। वे इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित ‘कोई दीवाना कहता है... एक शाम कुमार विश्वास के नाम’ शीर्षक कार्यक्रम में कविता पाठ कर रहे थे। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी, राहुल गांधी, बाबा रामदेव, सपा सरकार पर खूब व्यंग्य बाण चलाए।
विज्ञापन

कुमार विश्वास बोले, 'यूपी में है लालबत्तियों की फैक्टरी'

2 of 5
इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा काले धन की वापसी व लोकपाल के वादे पर व्यंग्य करते हुए सुनाया ‘तेरे वादे का तू जाने मेरा ये इरादा है कि, जिस दिन सांस टूटेगी उसी दिन आस टूटेगी...’ पर श्रोताओं की तालियां गूंजने लगीं। इस दौरान जब एक श्रोता ने फ्लाइंग किस करते हुए कहा कि क्या खूब कही आपने।
विज्ञापन

कुमार विश्वास बोले, 'यूपी में है लालबत्तियों की फैक्टरी'

3 of 5
विश्वास ने चुटकी लेते हुए कहा कि राहुल गांधी से लड़ा था, लेकिन आदतें वो नहीं हैं। ‘समंदर पीर का अंदर है लेकिन रो नहीं सकता, ये आंसू प्यार का मोती है इसको खो नहीं सकता। मेरी चाहत को तू अपना बना लेना तू सुन ले, जो मेरा हो नहीं पाया वो तेरा हो नहीं सकता’ पंक्तियां सुनाते हुए पार्टी छोड़कर भाजपा में गईं शाजिया इल्मी पर चुटकी ली।

कुमार विश्वास बोले, 'यूपी में है लालबत्तियों की फैक्टरी'

4 of 5
‘तुम्हें जीने में आसानी बहुत है, तुम्हारे खून में पानी बहुत है। कबूतर इश्क का उतरे तो कैसे, तुम्हारी छत में निगरानी बहुत है’, ‘बात करनी है बात कौन करे, दर्द से दो-दो हाथ कौन करे, हम सितारे तुम्हें बुलाते हैं, चांद न हो तो रात कौन करे’ सहित कई पंक्तियां सुनाईं।

विज्ञापन
विज्ञापन

कुमार विश्वास बोले, 'यूपी में है लालबत्तियों की फैक्टरी'

5 of 5
कुमार विश्वास को सुनने के लिए लखनऊ के श्रोताओं ने महंगे टिकट खरीदे। टिकट ढाई हजार, हजार और पांच सौ रुपये की श्रेणी में बेचे गए। कुमार विश्वास ने देर रात तक श्रोताओं को रचनाओं से हंसाया व गुदगुदाया। 1500 की क्षमता वाले सभागार श्रोताओं से खचाखच भरा रहा। सर्वाधिक टिकट ढाई हजार रुपये वाली श्रेणी के बिके। प्रतिष्ठान के अधिकारियों ने बताया कि हॉल की बुकिंग इवेंट कंपनी के नाम पर हुई है, जिसके एवज में डेढ़ लाख रुपये जमा करवाए गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें