अमर उजाला संवाद कार्यक्रम में सबसे कवि और आम आदमी पार्टी के नेता कुमार विश्वास ने जब शिवपाल यादव के साथ मंच साझा किया तो खूब ठहाके लगे। कुमार विश्वास ने हालांकि इस जुगलबंदी को अपनी प्रशंसा में खीर के साथ लहसुन की चटनी की उपमा दी थी, लेकिन सचमुच यह एक साझापन था, जिसमें खीर जैसी साहित्य की मिठास थी और लहसुन की चटनी जैसा राजनीति का चटपटापन।
विज्ञापन
2 of 10
संवाद 2016
- फोटो : amar ujala
कुमार ने सपा के प्रदेश अध्यक्ष शिवपाल यादव के साथ संवाद में मंच साझा किया तो कभी राजनेताओं की चर्चा चली और कभी कवियों की। जब बात चाचा-भतीजे के विवाद पर आई तो विश्वास ने शिवपाल को एक शेर याद रखने की सलाह दे डाली। कहा, आपको याद रखना चाहिए-‘नजर का तीर जिगर में रहे तो अच्छा है, ये घर की बात है घर में रहे तो अच्छा है’।
विज्ञापन
3 of 10
संवाद
- फोटो : amar ujala
वास्तव में संवाद में सपा के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव को कांग्रेस के युवा नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद के साथ भाग लेना था, लेकिन बलिया में आयोजित कार्यक्रम से लौटने में विलंब के कारण वह अंतिम सत्र में कुमार विश्वास के कार्यक्रम के दौरान समारोह में पहुंच सके।
4 of 10
संवाद
- फोटो : amar ujala
कुमार विश्वास ने कहा, आज उत्तर प्रदेश के हालात ऐसे होते जा रहे हैं कि किसी राजनेता के खिलाफ कविता लिखने के अपने खतरे हैं। राजनेताओं के खिलाफ लिखकर और लखनऊ महोत्सव में सुनाकर सही-सलामत घर चले जाना आसान नहीं है।
विज्ञापन
5 of 10
शिवपाल
- फोटो : amar ujala
शिवपाल ने कहा कि आलोचना बहुत जरूरी है और नेताओं को आलोचना सुननी चाहिए। नेताजी हमें यही समझाते रहे हैं और हाल के विवाद के बाद भी यही कहा कि हमें आलोचना सुननी चाहिए। शिवपाल ने कहा कि सरकार ने कवियों को सम्मान देने का काम किया है।
विज्ञापन
6 of 10
संवाद
- फोटो : amar ujala
शिवपाल ने कहा चाहे गोपालदास नीरज हों या उदय प्रताप सिंह, उन्हें और उनके कहने पर बहुत सारे कवियों को सम्मानित किया गया है। शिवपाल के प्रतिवाद पर विश्वास ने माना कि अदम गोंडवी और देवल आशीष जैसे कवियों के अस्वस्थ होने पर प्रदेश सरकार ने काफी सहायता की थी।
विज्ञापन
7 of 10
कुमार विश्वास
- फोटो : amar ujala
विश्वास ने मजाकिया लहजे में कहा कि जब चाचा-भतीजे में विवाद चल रहा था तो बिग बास के लोग कहते थे कि इनके घर का झगड़ा खत्म हो तो हमारे घर का झगड़ा लोग देख सकें।
8 of 10
शिवपाल
- फोटो : amar ujala
शिवपाल विश्वास के ज्यादातर व्यंग्य बाणों पर मुस्कुराते रहे और कुछ का हंसते हुए जवाब भी दिया। विश्वास ने यश भारती की भी चर्चा की और कहा कि जिल्ले सुब्हानी जिस पर खुश हो जाते हैं, उन्हें सम्मान दे देते हैं। शिवपाल ने कहा कि यश भारती के लिए उदय प्रताप सिंह लेखकों-कवियों की सिफारिश करते हैं। उन्होंने विश्वास के नाम की सिफारिश अभी तक नहीं की है, करेंगे तो इन्हें भी मिल जाएगा।
9 of 10
कुमार विश्वास
- फोटो : amar ujala
विश्वास व्यंग्य करने में पीछे नहीं रहे। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए कहा कि दिल्ली में एक बच्चा है जो बड़ा नहीं होना चाहता और लखनऊ में एक बच्चा (अखिलेश यादव) है जिसे बड़ा नहीं होने दिया जा रहा।
एक युवक ने शिवपाल से सुरक्षा को लेकर सवाल किया तो उन्होंने पूछा, क्या गनर चाहिए। इस पर विश्वास ने कहा, ये सच्चा समाजवादी जवाब है। सरकार बनने के बाद यही जवाब दिया जा रहा है।