यूपी के सीएम अखिलेश यादव ने बुधवार को यूपी 100 सेवा के लोगो और एप का शुभारंभ किया। इस लोगो में बने चिह्नों का खास मतलब है। साथ ही डायल 100 एप का उपयोग आप कैसे कर सकते हैं और ये कैसे काम करेगा, ये सारी जानकारी आप आगे की स्लाइड्स में देख सकते हैं।
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
यूपी 100 UP आपकी सेवा में सदैव तत्पर
लोगो में बने चिह्नों, भाषा के साथ रंगों से भी विशेष संदेश देने की कोशिश की गई है।
यूपी (हिंदी में) - सूबे की आधिकारिक भाषा, UP- परिवर्तन, विकास को अपनाने को तैयार, 100- आजादी के बाद से पुलिस इमरजेंसी नंबर, वाई-फाई सिंबल - कनेक्शन का संदेश देता है, लाल रंग - प्योरिटी, पैशन, जॉय का प्रतीक, पीला रंग- स्पष्टता, ऊर्जा, फ्रेशनेश, पॉजिटिविटी, 1 - देश के पहले सीएम ऐसी पहल करने वाले, 0- जीरो नहीं पूर्ण, कंपलीट कमिटमेंट का प्रतीक, आपकी सेवा में सदैव तत्पर- 24 घंटे सातों दिन सेवा
(नोट- जैसी कि सलाहकर चेंगावेल्ली ने व्याख्या की) एप कैसे करेगा सुरक्षा, देखें आगे की स्लाइड्स में...
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
यूपी100UP आपकी सेवा में सदैव तत्पर
यह प्रतीक चिह्न दर्शाता है कि पूरे प्रदेश के नागरिक किसी भी संचार माध्यम (मोबाइल, टेलीफोन, एसएमएस व सोशल मीडिया) से 100 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं।
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अखिलेश यादव
- फोटो : amar ujala
साथ ही प्रतीक चिह्न में लिखा वाक्य, ‘आपकी सेवा में सदैव तत्पर’ इन सेवाओं के अहर्निश (दिन-रात) उपलब्ध होने को रेखांकित करता है। यह प्रतीक चिह्न दर्शाता है कि यूपी 100 आकस्मिक सेवा पूरे प्रदेश में कहीं भी, कभी भी के आधार पर उपलब्ध है। यूपी-100 एप कैसे करेगा आपकी रक्षा, जानें आगे की स्लाइट्स में...
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राजेंद्र चौधरी
- फोटो : amar ujala
यूपी100 मोबाइल एप गूगल प्ले स्टोर पर UP 100 Emergency Services के नाम से उपलब्ध है। यह मुफ्त उपलब्ध होगा। एप पर आपातकालीन संपर्क के लिए अधिकतम पांच मोबाइल नंबर रजिस्टर कर सकते हैं। आपात स्थिति में उपयोगकर्ता द्वारा रजिस्टर्ड नंबरों पर एसएमएस भेजा जाएगा।
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यूपी 100
- फोटो : amar ujala
एप पर अधिकतम पांच स्थान रजिस्टर कर सकते हैं। मसलन, अपने घर, अपने मां-पिता का घर, अपनी बेटी का स्कूल, अपने बैंक आदि स्थानों की भौगोलिक स्थिति। मुसीबत के वक्त यूपी-100 से संपर्क करने पर ये लोकेशन स्वत: नजर आने लगेंगी।
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यूपी 100
- फोटो : amar ujala
यदि कोई पीड़ित किसी ऐसी भाषा का प्रयोग करता है जिसके संवाद अधिकारी यूपी-100 में नहीं हैं, तो इन भाषा स्वयंसेवियों की मदद ली जा सकेगी। यदि किसी के करीबी रिश्तेदार यूपी में रहते हैं तो उनकी आकस्मिक सहायता के लिए उनके स्थलों को रजिस्टर कर सकते हैं। आकस्मिक स्थिति में प्रदेश से बाहर होने पर भी उनकी सहायता के लिए सूचना दे सकते हैं।
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यूपी 100
- फोटो : amar ujala
यूपी-100 का अभी बीटा वर्जन लॉन्च किया गया है। इस एप पर लोगों को रजिस्ट्रेशन कराकर अपना नाम, पता, कहां काम करते हैं, बच्चे कहां पढ़ते हैं, पांच इमरजेंसी मोबाइल नंबर, किन-किन भाषाओं की जानकारी है, दर्ज करना होगा।
इसमें लोग अपने घर की लोकेशन भी अपलोड कर सकेंगे। मुसीबत के वक्त पीड़ित जैसे ही पैनिक बटन दबाएगा, पुलिस के सामने सारी जानकारी आ जाएगी। पीड़ित की लोकेशन की जानकारी उसके घर वालों को भी मिल जाएगी।