लखनऊ यूनिवर्सिटी
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सिर्फ आठ छात्रों के साथ 1866 से हुई डिग्री कक्षाओं की शुरुआत
वर्ष 1864 में अपनी स्थापना के बाद अगले दो साल तक यहां पर सिर्फ हाईस्कूल तक की पढ़ाई हुआ करती थी। आगरा कॉलेज के प्रिंसिपल टॉमस साहब की निगरानी में यह विद्यालय कलकत्ता विवि से संबद्ध था। वर्ष 1887 में इलाहाबाद विवि बनने के बाद यह कलकत्ता के बजाय इलाहाबाद विवि से संबद्ध हो गया। कैनिंग कॉलेज में वर्ष 1864 से डिग्री कक्षाओं की शुरुआत की गई। शुरुआत में डिग्री स्तर पर सिर्फ आठ विद्यार्थी ही थे। हालांकि कुल विद्यार्थियों की बात करें तो 1865 में 377, 1866 में 518, 1867 में 533, 1868 में 621 और 1869 में यह संख्या 666 थी। अवध के कमिश्नर को इस विद्यालय समिति का अध्यक्ष तथा अंजुमन-ए-हिंद के सचिव को इसका सचिव बनाया गया। इन्हीं की निगरानी में यह विद्यालय संचालित होता रहा।