कमलेश कुमार।
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कब रात हो जाती है, पता ही नहीं चलता
केजीएमयू के वरिष्ठ लिपिक कमलेश कुमार कोरोना वार्ड में तैनात हैं। वह कहते हैं कि मरीजों की संख्या बढ़ने के साथ ही लिखा-पढ़ी का काम अत्यधिक बढ़ गया है। सीएमओ ऑफिस से लेकर शासन-प्रशासन तक मरीजों का पूरा स्टेटस अपडेट करना होता है। केजीएमयू के अधिकारी से लेकर डॉक्टर तक किसी भी मरीज का डाटा मांगते हैं तो तत्काल निकालकर देना पड़ता है। ऐसी स्थिति में कब सुबह से शाम हो जाती है, पता ही नहीं चलता। कोराना के समय अलग अनुभूति देती है। हर कर्मचारी को इस समय अपना योगदान देना चाहिए। घर परिवार से दूर रहकर कुछ पल के लिए खुद को मरीजों के प्रति समर्पित करना सबसे बड़ी सेवा है।