राजधानी लखनऊ की पहचान गोमती नदी मानो कहीं खो गई है। दूर-दूर तक जलकुंभी ही नजर आती है। (सभी तस्वीरें- कुलदीप सिंह।)
यह सब तब है जब गोमती की सफाई के लिए हर साल जोर-शोर से अभियान चलाया जाता है। अब तक कई बार सफाई के लिए बजट जारी किया जा चुका है।
ये तस्वीर कुड़िया घाट के पास बने नए फ्लाईओवर की है। जहां पर नदी नजर ही नहीं आ रही है। दूर से देखने पर लगता है कि जैसे यह घास का हरा मैदान हो।
जब भी लखनऊ का जिक्र आता है यहां की नजाकत और नफासत के साथ ही गोमती का भी जिक्र आ जाता है पर शहर की इस पहचान की बिल्कुल भी परवाह नहीं की जा रही है। कुछ जगहों पर तो ऐसा ही नजर आता है।