दिल्ली पुलिस की गिरफ्त में आया आईएसआईएस का संदिग्ध आतंकी मुस्तकीम उर्फ यूसुफ की मात्र कक्षा नौ पास है, लेकिन उसे आईटी के क्षेत्र में अच्छी जानकारी है। वह टेलीग्राम एप के जरिए आईएस के हैंडलर्स से बातचीत कर जरूरी सूचनाओं का अदान प्रदान करता था। मुस्तकीम खान का अबू यूसुफ नाम उसकी सोशल मीडिया की आईडी से पड़ा।
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फाइल फोटो
- फोटो : अमर उजाला
घर वालों ने बताया कि उसके बेटे का नाम मो. यूसुफ है। उसने बेटे के नाम आईडी बनाई थी। परिजनों तथा क्षेत्रवासियों के मुताबिक वह ज्यादातर रिजर्व रहता था। परिवार में भी पत्नी बच्चों के साथ मां-बाप से अलग रहता था। पत्नी के मुताबिक यह सूचनाओं का अदान प्रदान मोबाइल मैसेज से ही करता था। मोबाइल पर ही अधिक समय तक व्यस्त रहना तथा मोबाइल पर ही धार्मिक तकरीर आदि सुनना उसका शौक था।
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गिरफ्तार आतंकी अबु युसूफ
- फोटो : अमर उजाला
गांव के लोगों से भी उसका मेलजोल नाम मात्र का ही था। अच्छे कपड़े पहनना तथा महंगे जूते व चश्मे का भी शौकीन था। इसका आना-जाना नेपाल सीमा से सटे रिश्तेदारों के यहां भी था। गांव में मुस्तकीम तथा इसके मामा का परिवार पूरे गांव वालों से अलग-थलग है। गांव के अन्य लोग इन दोनों परिवारों से बहुत मतलब नहीं रखते थे।
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अबू युसुफ और उसके परिजन
- फोटो : अमर उजाला/ANI
मां-बाप, पत्नी ने भी मानी यूसुफ की गलती, मांगी माफी
अबू यूसुफ के पिता कफील खान और माता कहकशां व परिवार के अन्य भाई-बहनों ने भी रविवार को बातचीत के दौरान यह बताया कि बेटे ने अक्षम्य गलती की है। लालच तथा बहकावे में आकर उसने यह कदम उठाया। अगर वह दोषी है तो उसे सजा मिले। हम लोगों की यह भी मंशा है कि सरकार एक बार उसे सुधरने का मौका जरूर दे। ऐसे भटके हुए इंसान को ऊपर वाला भी माफ करे।
तीन को लिया हिरासत में, बाद में छोड़ा
यूसुफ का कनेक्शन किन-किन लोगों से था और किस तरह का था इस बात की दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल व यूपी एटीएस की टीम काफी गंभीरता से जांच कर रही है। शनिवार रात पुलिस ने उतरौला नगर से तीन लोगों को संदिग्ध मानकर हिरासत में लिया था। हालांकि पूछताछ के बाद सभी को छोड़ दिया गया।