दिल्ली में शनिवार को गिरफ्तार किए गए आतंकी अबू यूसुफ को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। जैसे-जैसे पुलिस की जांच आगे बढ़ रही है अबू यूसुफ के बारे में नई-नई जानकारियां पुलिस के हाथ लग रही हैं। शनिवार देर रात तक बलरामपुर स्थित उसके घर में पुलिस ने छानबीन की थी। इसके बाद रविवार को भी पुलिस की जांच जारी है। अब तो यूसुफ के परिजनों ने भी स्वीकार किया है कि वह पिछले दो वर्षों से आपत्तिजनक गतिविधियों में लिप्त था। वह घर या गांव के किसी भी व्यक्ति से बहुत कम बातचीत करता था।
विज्ञापन
2 of 6
पत्नी आयशा
- फोटो : अमर उजाला
पत्नी आयशा ने बताया कि पैसे की तंगी के कारण यूसुफ पिछले दो वर्षों से आतंकी गतिविधियों में शामिल हो गया था। कई बार समझाने के बाद भी वह बात नहीं मानता था। आयशा ने कहा कि वह किसी तरह पैसे जमा करती थी, लेकिन यूसुफ उन्हें इन कामों में खर्च कर देता था। इसे लेकर उनके बीच कई बार विवाद भी हुआ था।
विज्ञापन
3 of 6
इसी तालाब में डाले गए थे जैकेट
- फोटो : अमर उजाला
बता दें कि शनिवार को छावनी में तब्दील हुए गांव का नजारा रविवार को भी बदला-बदला नजर आ रहा है। घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। छानबीन के दौरान शनिवार को यूसुफ के घर से विस्फोटक व आपत्तिजनक साहित्य बरामद हुआ था। उसकी निशानदेही पर उसके घर के बगल स्थित तालाब से मानव बम में प्रयुक्त होने वाली दो जैकेट मिली थीं।
4 of 6
अबू यूसुफ की मां कहकशां
- फोटो : अमर उजाला
वहीं यूसुफ की निशानदेही पर रविवार को भी स्पेशल सेल की टीम ने यूपी से भारी मात्रा में विस्फोटक और बम बनाने का सामान बरामद किया है। आत्मघाती हमले के लिए शरीर में विस्फोटक को बांधने वाला बेल्ट भी मिला है। इस बेल्ट को बांधकर आतंकी यूसुफ फिदायीन हमला करना चाहता था।
विज्ञापन
5 of 6
यूसुफ की पत्नी
- फोटो : ANI
वहीं पत्नी ने बताया कि यूसुफ ने घर में ही बारूद और अन्य सामान जमा किए थे। जब मैंने उसे यह सब करने से मना किया तो उसने कहा वह उसको न रोके। पत्नी ने कहा कि उसे माफ कर दिया जाए। मेरे चार बच्चे हैं, उन्हें लेकर मैं कहां जाऊंगी।
पिता कफील अहमद ने कहा कि मुझे अफसोस है कि वह इस तरह के कामों में शामिल था। वह जो कर रहा था वो गलत है, लेकिन फिर भी मैं चाहता हूं कि उसे माफ कर के एक मौका दिया जाए। अगर मुझे उसके आतंकी होने के बारे में जानकारी होती तो मैं उसे घर छोड़कर जाने के लिए कह देता।