सुलखान सिंह ने कहा, मेरी कोशिश थी कि सिपाहियों और दरोगा की भर्ती प्रक्रिया मेरे कार्यकाल में शुरू हो लेकिन यह संभव नहीं हो पाया। उम्मीद है कि जल्द ही यह प्रक्रिया शुरू होगी। दरअसल भर्ती हो या प्रमोशन, सारे काम नए सिरे से करने थे। इसके लिए पहले नियमावली में बदलाव कराना था और फिर रिक्ति के मुकाबले पदों की भर्ती के लिए प्रस्ताव तैयार कर भर्ती बोर्ड को भेजना था। यह सब काम इतना आसान नहीं था। फिर भी पांच हजार दरोगा की भर्ती करने का प्रस्ताव भर्ती बोर्ड को भेजा जा चुका है। 42 हजार सिपाहियों की भर्ती का प्रस्ताव बहुत जल्द भेजा जाएगा।
आठ हजार हेड कांस्टेबल दरोगा के पद पर व 2300 दरोगा को इंस्पेक्टर के पद पर प्रमोशन देने के लिए भी काम तेजी से किया गया, लेकिन अफसोस कि डीजीपी रहते हुए इसका लाभ इन पुलिस कर्मियों तक नहीं पहुंचा सका। उम्मीद है, एक-डेढ़ माह में इसका लाभ इन पुलिस कर्मियों को जरूर होगा।