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पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा, कमलेश की हत्या से पहले जानवरों को काटकर की थी गला रेतने की प्रैक्टिस

Wed, 23 Oct 2019 11:26 PM IST
ishwar ashish न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : अमर उजाला
हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में ही खुलेआम मारने की तैयारी थी। हत्या की साजिश रचने वाले गुजरात के सूरत निवासी रशीद अहमद पठान उर्फ राशिद, मौलाना मोहसिन शेख व फैजान यूनुस और हत्या करने वाले शेख अशफाक हुसैन व मोइनुद्दीन पठान ने पूछताछ में यह खुलासा किया है। उन्होंने कहा कि कमलेश को उसके घर में ही मारकर यह मैसेज देना चाहते थे कि पैंगबर साहब के लिए अपशब्द कहने वालों का यही अंजाम होगा।

हिंदू समाज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पुष्कर राय मोनू ने बताया कि कमलेश तिवारी पश्चिम बंगाल जाने से पहले 19 अक्तूबर को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक करने वाले थे। बैठक में पश्चिम बंगाल के प्रदेश अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों को भी आना था। वहां हिंदुओं की हत्या को लेकर ममता बनर्जी की सरकार के खिलाफ आंदोलन और धरना-प्रदर्शन की रणनीति तय होनी थी।

बैठक खुर्शेदबाग के आसपास स्थित एक गेस्टहाउस में आयोजित होनी थी, लेकिन तय तारीख पर गेस्ट हाउस खाली नहीं मिला। इसी वजह से बैठक एक दिन आगे यानि 20 अक्तूबर को रखी गई। बैठक के बाद 22 अक्तूबर को कमलेश तिवारी को पश्चिम बंगाल जाना था।
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- फोटो : पीटीआई
हत्यारों ने पुलिस और एटीएस की पूछताछ में बताया कि उन्हें बैठक में नहीं जाना था, लेकिन कमलेश की हत्या करके जो संदेश देना था, उसका इससे अच्छा मौका और कभी नहीं मिलता। पुलिस ने कमलेश को गुजरात बुलाकर मारने अथवा बरेली में अपने मददगारों के बीच हत्या करने की आशंकाओं पर पूछा तो हत्यारों ने साफ इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर सूरत बुलवाकर कमलेश को मारते तो उनका मकसद हल नहीं होता।
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- फोटो : अमर उजाला
पत्नी से कहा था, हत्या के बाद मार दिए जाएंगे, शव सूरत मंगाकर करना सुपुर्द-ए-खाक
कमलेश तिवारी की हत्या के बाद शेख अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान को यकीन था कि वह बचेंगे नहीं। उन्होंने सूरत से लखनऊ के लिए निकलते वक्त राशिद और पत्नी से इस बात का जिक्र भी किया था। पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान राशिद ने बताया कि दोनों कमलेश को मारकर खुद मरने के लिए तैयार थे।

उन्होंने कहा था कि भीड़ के बीच में कमलेश की हत्या करेंगे तो लोग उन्हें पकड़कर पीट-पीटकर मार डालेंगे या फिर पुलिस मार डालेगी। उनकी मौत एक शहादत होगी। उन्होंने राशिद और पत्नी से कहा कि मौत के बाद शव सूरत मंगाकर सुपुर्द-ए-खाक करवा देना।

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- फोटो : ANI
जानवरों को काटकर की थी गला रेतने की प्रैक्टिस
शेख अशफाक हुसैन और मोइनुद्दीन पठान ने कमलेश का गला रेतने से पहले जानवरों को काटकर प्रैक्टिस की थी। खुफिया एजेंसियों की पूछताछ में दोनों ने यह खुलासा किया। दोनों ने पूछताछ में खुफिया एजेंसियों को यह जानकारी दी तो अफसरों के रोंगटे खड़े हो गए। बताया कि उन्होंने कभी किसी की हत्या करना तो दूर चाकू तक नहीं पकड़ी थी। राशिद पठान, मोहसिन शेख और फैजान के साथ दोनों ने कमलेश की हत्या की साजिश तो रच दी, लेकिन वारदात को अंजाम किस हथियार से देना है? यह तय नहीं था।
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- फोटो : अमर उजाला
अशफाक और मोइनुद्दीन ने बताया कि दोनों को चाकू, पिस्तौल या अन्य कोई हथियार चलाने का भी अनुभव नहीं था। इस पर दोनों को प्रशिक्षण दिया गया। राशिद ने बताया कि उसने 6000 रुपये में एक पिस्टल खरीदी और दोनों से कई फायर कराए। गर्दन काटने के लिए जानवरों की गर्दन और हड्डियां कटवाई गईं। चार-पांच दिन तक लगातार दोनों ने फायरिंग और जानवर काटने का प्रशिक्षण लिया था।
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हत्या के दौरान मोइनुद्दीन के हाथ में लगी गोली, अशफाक चाकू से जख्मी
कमलेश की हत्या की वारदात को अंजाम देते वक्त अशफाक और मोइनुद्दीन दोनों के हाथों में चोट आई थी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि मोइनुद्दीन के हाथ की एक अंगुली में गोली लगी थी जबकि अशफाक का हाथ उसी के चाकू से जख्मी हो गया था।

पुलिस के मुताबिक, हत्यारों में से एक ने कमलेश का मुंह दबोच रखा था। इसी दौरान गोली चली, जिसमें मोइनुद्दीन जख्मी हो गया। यह भी हो सकता है कि हड़बड़ी में फायर करने से हत्यारा खुद ही जख्मी हो गया हो। हालांकि, मौके पर सिर्फ एक ही खोखा मिला था, जिससे सिर्फ एक गोली चलने की बात सामने आई है। गोली कैसे लगी? इस बारे में दोनों के लखनऊ आने के बाद पूरी जानकारी मिल पाएगी।
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