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IAS बेटे का शव देखकर बिलख पड़ी मां, बोली- हमें भी अपने साथ ले चलो

Fri, 19 May 2017 12:04 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, लखनऊ
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अनुराग तिवारी का गुरुवार को अंतिम संस्कार कर दिया गया। पोस्टमार्टम के बाद देर रात शव कानूनगोपुरा मोहल्ले में पैतृक आवास में लाया गया, जहां अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। उनकी अंतिम यात्रा गुरुवार सुबह त्रिमुहानी घाट स्थित स्वर्गधाम में पहुंची। चिता को मुखाग्नि उनके बड़े भाई आलोक तिवारी ने दी। लोगों ने नम आंखों से अंतिम विदाई दी। (बिलखती अनुराग की मां)
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इससे पहले अनुराग का शव घर पहुंचते ही मां सुशीला उससे लिपटकर रो पड़ी। उनके मुंह से बार-बार यही शब्द निकल रहे थे... मेरे लाल हमें भी साथ ले चलो। इस उम्र में तुम्हारा बिछड़ना कैसे सहेंगे। अंतिम यात्रा में डीएम और एसपी के साथ जिले के आला अफसर मौजूद रहे। वहीं, अनुराग ‌के बैचमेट 27 आईएएस व आईपीएस अफसर भी अंतिम विदाई में शामिल हुए। हरदोई की डीएम शीतल वर्मा देर से पहुंची, तो अनुराग को अंतिम बार नहीं देख पाने से उनी आंखों से आंसू छलक पड़े। लखनऊ के एसएसपी एसटीएफ अमित पाठक व एलडीए वीसी पीएन सिंह भी मौजूद रहे।
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रात में बदला सिम, हुई थी बात
दिल्ली में एक कंपनी में इंजीनियर शांतनु प्रताप सिंह अनुराग के साथी थे। उनका कहना था कि अनुराग कभी अपना मोबाइल इधर-उधर नहीं छोड़ता था। रात लगभग 12.41 बजे उसने नए नंबर से मैसेज किया। रात में वाट्सएप पर उससे काफी देर तक चैटिंग हुई। नया नंबर लगाने की बात समझ में नहीं आई। सुबह मौत की खबर सुनी, तो अचंभे में पड़ गया। उनका कहना था कि शव के पास मोबाइल का न मिलना संदेह पैदा करता है। क्योंकि अनुराग हमेशा अपना मोबाइल साथ में ही रखता था। वह कभी मार्निंग वॉक पर नहीं जाता था।

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सीबीआई से कराई जाए मौत की जांच
आईएएस अफसर की मौत पर सवाल खड़े करते हुए परिवार के लोगों ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है। वहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट अभी तक नहीं दिए जाने पर भी नाराजगी दिखाई जताई। लखनऊ पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए अनुराग के बड़े भाई आलोक तिवारी ने अंतिम संस्कार में शामिल होने आए छोटे भाई के सभी आईएएस मित्रों से कहा कि अनुराग कर्नाटक सरकार में फैले अनाज माफिया को लेकर बहुत बड़ा खुलासा करने वाला था। जिसमें कई ब्यूरोक्रेट और सफेदपोश फंसने वाले थे। लगभग दो हजार करोड़ रुपये का घोटाला उसने पकड़ लिया था।
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अनुराग तिवारी के पिता।
उन्होंने पूरे मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। पिता बीएन तिवारी भी फफक-फफक कर हर आने जाने वाले से अनुराग की हत्या किए जाने की आशंका जताते हुए जांच की मांग कर रहे थे। (बिलखते अनुराग के पिता।)
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