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पुलिस का दावा, दुर्गेश के ही अवैध असलहे से हुई थी उसकी हत्या, एक और गिरफ्तार

Thu, 03 Sep 2020 10:29 PM IST
Vikas Kumar माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ
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हिस्ट्रीशीटर प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश यादव हत्याकांड में शामिल आरोपी - फोटो : amar ujala
पीजीआई थानाक्षेत्र के वृंदावन कॉलोनी सेक्टर-14 में हिस्ट्रीशीटर प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश यादव की हत्या उसी के अवैध असलहे से की गई थी। यह दावा पुलिस ने किया है। लेकिन खुलासे पर सवाल उठ रहा है कि आखिर इतनी पिटाई के बाद जान बचाकर भाग रहे अर्धनग्न दुर्गेश ने .32 बोर का रिवाल्वर कब और कैसे हासिल कर लिया। इस सवाल पर पुलिस चुप है। कारतूस दुर्गेश के बैग से बरामद हुए हैं। 

वहीं, बृहस्पतिवार को हत्याकांड के एक और आरोपी संतोष को पुलिस ने दिल्ली बॉर्डर पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। मालूम हो कि मुख्य आरोपी पलक ठाकुर और मनीष यादव को बुधवार को ही पकड़ लिया था। वारदात सचिवालय में समीक्षा अधिकारी अजय यादव के मकान पर हुई थी। जहां दुर्गेश यादव, मानवेंद्र सिंह, अभय कुमार, सोवेंद्र यादव और संजीत कुमार किराए पर रहते थे। 
 
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हिस्ट्रीशीटर प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश यादव हत्याकांड में शामिल आरोपी - फोटो : amar ujala
डीसीपी पूर्वी चारू निगम के मुताबिक, दुर्गेश यादव ने पलक व मनीष से एक करोड़ रुपये से अधिक की रकम लेकर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा दिया था। दुर्गेश दोनों को झांसा दे रहा था। दुर्गेश की तलाश में विधानभवन व सचिवालय के चक्कर लगाने के दौरान पलक व मनीष की मुलाकात हुई। दोनों ने फिर मिलकर दुर्गेश की तलाश शुरू की। पलक को जब बुधवार को दुर्गेश के वृंदावन कॉलोनी में होने की सूचना मिली तो वह वहां जा पहुंची। इसके बाद मनीष को भी बुला लिया। जहां दोनों ने साथियों के साथ मिलकर ने दुर्गेश को जमकर पीटा। इस दौरान वीडियो भी बनाया। जान बचाकर दुर्गेश भागने लगा तो दरवाजे पर खींचतान हुई। आरोपियों ने पुलिस को बताया कि दुर्गेश अवैध असलहे से पलक पर हमला करने की कोशिश कर रहा था। खींचतान में रिवॉल्वर मनीष के हाथ लगी और ट्रिगर दब गया। गोली सीधी दुर्गेश को जा लगी।
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Durgesh yadav - फोटो : अमर उजाला
किडनी को भेदती हुई बाएं तरफ कूल्हे में जा फंसी गोली
दुर्गेश का पोस्टमार्टम बृहस्पतिवार को हुआ। पैनल में शामिल चिकित्सकों ने बताया कि गोली दुर्गेश के दाहिनी तरफ पेट में लगी थी। जो किडनी को भेदती हुई बाएं तरफ कूल्हे में जा फंसी। उसके सिर में पांच से अधिक चोटें थीं। कंधे, हाथ, पैर और जांघों पर 15 से अधिक चोट के निशान मिले। नाक व कान के अंदरूनी हिस्से में भी चोटें आई थीं।

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हिस्ट्रीशीटर प्रॉपर्टी डीलर दुर्गेश यादव हत्याकांड में शामिल आरोपी - फोटो : amar ujala
समीक्षा अधिकारी के घर से चल रहा था जालसाजी का धंधा
पुलिस के मुताबिक, समीक्षा अधिकारी अजय यादव के मकान में फर्जीवाड़े के आरोपी रह रहे थे। मकान में मिले दस्तावेजों से पुलिस अजय यादव व दुर्गेश यादव के साथियों के कनेक्शन खंगाल रही है। पुलिस का तर्क है कि ये दस्तावेज सिर्फ सचिवालय कर्मचारी ही उपलब्ध करा सकते हैं। दुर्गेश, मानवेंद्र के अलावा जिस कार से गोरखपुर से आया था। उसके मालिक का भी सचिवालय पास बना हुआ था। पुलिस बरामद पास की जांच के लिए भेज दिया है। 
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Durgesh yadav - फोटो : अमर उजाला
दबंगई दिखाने या खुद को बचाने के लिए बनाया वीडियो
पुलिस की पड़ताल में सामने आया है कि वीडियो पलक के साथी संतोष ने बनाया था। ताकि नौकरी के लिए रुपये देने वालों को वीडियो दिखाकर दुर्गेश की करतूत बताई जा सके। वहीं, सोशल मीडिया पर वायरल करने की बात पर पुलिस ने जांच की बात कही। पलक के लोगों ने ही वीडियो वायरल किया थ। लेकिन वीडियो में कैद गुंडई प्रमाण है कि आरोपियों के मन में दबंगई व दहशत फैलाने की मंशा ज्यादा थी। पुलिस के मुताबिक, पलक सर्जिकल असिस्टेंट के तौर पर अस्पतालों में काम करती थी। जबकि मनीष शिकोहाबाद में वकालत करता है और सरकारी नौकरी के लिए प्रयासरत था। 
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