विश्व हिंदू महासभा के अध्यक्ष रणजीत बच्चन को गोली मारने वाला शूटर रायबरेली का जितेंद्र शुक्रवार देर रात एसीपी कैंट कार्यालय के पास आलमबाग के देवी खेड़ा में हुई पुलिस मुठभेड़ में दबोच लिया गया। इस दौरान दोनों ओर से करीब तीन राउंड फायरिंग हुई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में शूटर गंभीर रूप से घायल हो गया। उसे पुलिस ने लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने मौके से पिस्तौल, कारतूस व बाइक बरामद की है।
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शूटर जितेंद्र
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस कमिश्नर सुजीत पांडेय के मुताबिक जितेंद्र ने चचेरे भाई व उसकी प्रेमिका के साथ मिलकर दो फरवरी की सुबह रणजीत की गोली मारकर हत्या की थी। हत्याकांड में रणजीत की दूसरी पत्नी स्मृति वर्मा, उसके प्रेमी दीपेंद्र और चालक संजीत को पुलिस ने बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया था। इसके बाद जितेंद्र पर पुलिस कमिश्नर ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था।
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स्मृति जानती थी रणजीत शादीशुदा है
पुलिस की पड़ताल में एक बात और सामने आई कि स्मृति के परिवारीजन उसकी शादी कहीं और कराना चाहते थे, पर वह जिद पर अड़ी रही। जिसके आगे उसकी मां को झुकना पड़ा। पुलिस के मुताबिक, कालिंदी ने पूछताछ में कई राज बताए थे। जिसमें यह बात भी सामने आई। स्मृति को पता था कि रणजीत शादीशुदा है। इसके बाद उसने परिवारीजनों की मर्जी के खिलाफ शादी की।
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ranjeet bachchan murder case
- फोटो : अमर उजाला
...और बढ़ती गईं नजदीकियां
पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि रणजीत की दूसरी पत्नी स्मृति और मुख्य आरोपी दीपेंद्र के भाई देवेंद्र की मुलाकात दो साल पहले हुए एक सड़क हादसे के दौरान हुई थी। जिसमें स्मृति घायल हुई थी। देवेंद्र ने उसकी मदद की, जिसका वह एहसान मानती थी। देवेंद्र रोडवेज में तैनात थे। देवेंद्र को कैंसर होने की जानकारी स्मृति को हुई। वह रायबरेली स्थित उसके घर मिलने गई।
आर्थिक तंगी से जूझ रहे देवेंद्र की मदद के लिए उसने रुपये देने शुरू किए। अक्तूबर से 2 जनवरी तक स्मृति ने देवेंद्र के इलाज को 13 लाख रुपये दिए। इसमें कुछ रुपये देवेंद्र के खाते में कुछ नकद शामिल है। रुपये लेने के लिए अक्सर दीपेंद्र आता था। इसी दौरान दोनों के बीच करीबी बढ़ गई और एक-दूसरे से शादी करने को तैयार हो गए।