मुहर्रम
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इलाहाबाद में एक ब्राहमण परिवार में जन्मे 45 साल के स्वामी सारंग की शिक्षा राजस्थान में हुई। वे 20 वर्ष लखनऊ में रहे और इमाम हुसैन पर अध्ययन किया। इसके बाद वे लखनऊ में ही बस गए, उनकी दो बेटियां हैं और वे आध्यात्मिक गुरु के रूप में पहचाने जाते हैं।