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तिलक लगाकर मुहर्रम जुलूस में पहुंचे स्वामी सारंग, इमाम हुसैन की शहादत पर बहाया खून, तस्वीरें

Fri, 21 Sep 2018 09:27 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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मुहर्रम - फोटो : amar ujala
लखनऊ में दसवीं मुहर्रम पर माथे पर तिलक लगाए खूनी मातम करते हुए स्वामी सारंग भी नजर आए। वे शिया धर्म गुरु कल्बे जव्वाद सहित बड़ी संख्या में अन्य मुस्लिम समुदाय के सदस्यों के साथ जुलसू में थे। वे विक्टोरिया स्ट्रीट पर हुए इस आयोजन में शामिल हुए और गमे हुसैन में अपनी पीठ पर कमां और जंजीर जानी (मातम के समय उपयोग होने वाले चेन से बंधे चाकू) चलाए। साथ ही उन्होंने सभी धर्म के लोगों से इन आयोजनों में शरीक होने की अपील भी की।
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मुहर्रम - फोटो : amar ujala
उन्होंने गुरुवार को ही ऐलान किया था कि वे आशरे के जंजीरी मातम के जुलूस में शामिल होंगे। इस दौरान उन्होंने इमाम हुसैन अ.स. खिराजे अकीदत पेश किया। उनके मातम के समय बड़ी संख्या में शिया समुदाय मौजूद रहा।
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मुहर्रम - फोटो : amar ujala
उन्होंने कहा कि वे इमाम हुसैन की शहादत के गम में अपना खून इसलिए बहाने आए हैं क्योंकि हुसैन ने मानवता के लिए अपना जीवन समर्पित किया था। स्वामी सारंग इससे पहले भी मुहर्रम के जुलूसों में शामिल होते रहे हैं।

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मुहर्रम - फोटो : amar ujala
इलाहाबाद में एक ब्राहमण परिवार में जन्मे 45 साल के स्वामी सारंग की शिक्षा राजस्थान में हुई। वे 20 वर्ष लखनऊ में रहे और इमाम हुसैन पर अध्ययन किया। इसके बाद वे लखनऊ में ही बस गए, उनकी दो बेटियां हैं और वे आध्यात्मिक गुरु के रूप में पहचाने जाते हैं।
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- फोटो : amar ujala
अध्ययन के बाद उन्होंने स्वामी की उपाधि नाम के साथ उपयोग की थी। स्वामी के अनुसार वे अपने धर्म के सभी त्यौहार मनाने वाले हिंदू हैं लेकिन मुहर्रम के समय इमाम हुसैन के लिए मातम मनाते हैं। पिछले वर्ष ही उन्होंने पहली दफा जंजीर जानी से मातम मनाया था।
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