लखनऊ विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में दिए जाने वाले मेडल में एक बार फिर बेटियों ने बाजी मारी है। विवि की ओर से गुरुवार को जारी विस्तृत मेडल लिस्ट में सर्वाधिक मेडल बेटियों ने झटके हैं। चांसलर सिल्वर मेडल पाने वाली एमएससी मैथ की छात्रा हर्षिता दुबे को 12 मेडल मिले हैं। हर्षिता के अलावा एमए एआईएच की सरिता यादव व एलएलबी की प्रगति श्रीवास्तव को आठ-आठ मेडल मिले हैं।हर्षिता को मिलने वाले मेडल में डॉ. एएन सिंह गोल्ड मेडल, इकबाल नारायण श्रीवास्तव गोल्ड मेडल, माधुरी देवी मेमोरियल गोल्ड मेडल शामिल हैं। इसके साथ ही सरिता यादव एमए एआईएच को श्रीनिवासन वरदा चेयर गोल्ड मेडल, त्रिलोकी नाथ गुरतु मेमोरियल गोल्ड मेडल समेत आठ मेडल मिले हैं। प्रगति श्रीवास्तव एलएलबी को बाबू महावीर प्रसाद श्रीवास्तव मेमोरियल गोल्ड मेडल, द्वारिका प्रसाद निगम गोल्ड मेडल समेत आठ मेडल मिले हैं।
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लखनऊ यूनिवर्सिटी
- फोटो : अमर उजाला
इसी क्रम में जया कुमारी एमएससी फिजिक्स, अनम खान एमए सोशल वर्क व प्रियांशी राज एमए इकोनॉमिक्स को छह-छह, बीए की शांभवी पांडेय, एमएससी की शांभवी द्विवेदी, एमए हिस्ट्री की अदिति सिंह व एमपीए के मयंक कुमार को चार-चार मेडल मिले हैं। परीक्षा नियंत्रक प्रो. एएन सक्सेना ने बताया कि पूर्व में मेडल की अस्थयी सूची जारी की गई थी। अब विस्तृत सूची विवि की वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है। विद्यार्थी इस पर सात दिसंबर तक आपत्ति दर्ज करा सकते हैं।
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हर्षिता दुबे
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आईएएस बनकर करूंगी सेवा
मुझे लोगों की सेवा करनी है। इसके लिए मैं आईएएस बनना चाहती हूं। खासकर गरीब बच्चों की पढ़ाई के लिए काम करना है। आज के समय में शिक्षा काफी महत्वपूर्ण है। पिता शैलेंद्र दुबे अधिवक्ता व मां साधना दुबे गृहिणी हैं। मैं उनके सपने को साकार करूंगी। - हर्षिता दुबे
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सरिता यादव
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प्रोफेसर बनकर करूंगी शिक्षित
मैं प्रोफेसर बनकर लोगों को शिक्षित करना चाहती हूं। पिता राकेश यादव बाराबंकी में खेती करते हैं। मां शारदा देवी गृहिणी हैं। उन्होंने दिक्कत सहकर भी मुझे पढ़ाया है। मैं उनकी सेवा करना चाहती हूं। ग्रामीण क्षेत्र में सुविधाओं के लिए भी काम करना चाहती हूं। - सरिता यादव
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अनम खान
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अल्पसंख्यकों की शिक्षा के लिए काम करूंगी
मैं समाज सेवा के माध्यम से खासकर अल्पसंख्यकों की शिक्षा के लिए काम करना चाहती हूं। ग्रामीण क्षेत्र में अभी स्वास्थ्य के मुद्दों को लेकर बहुत जागरूकता नहीं है। उसके लिए भी काम करना है। पिता सलमान खालिद आईटी जॉब करते हैं। मां निखत फातिमा गृहिणी हैं। - अनम खान
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जया कुमारी
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महिला सशक्तीकरण के लिए करना है काम
मैं महिला सशक्तिकरण के लिए काम करना चाहती हूं। इसके लिए आईएएस बनूंगी। महिलाओं को इतना मजबूत बनाना है कि वे समाज के लिए कुछ अच्छा कर सकें। एक उदाहरण पेश कर सकें। पिता राजेश नारायण तिवारी शिक्षक व मां विनीता गृहिणी हैं। - जया कुमारी
दीक्षांत में दिए थे 15 मेडल, बाकी के लिए फिर होगा कार्यक्रम
लविवि ने 19 से 25 नवंबर तक शताब्दी समारोह के बीच 21 नवंबर को आयोजित दीक्षांत समारोह में चांसलर, चक्रवर्ती समेत 15 मेडल दिए गए थे। अब अन्य विद्यार्थियों के लिए अलग से विस्तृत समारोह कर उन्हें मेडल दिया जाएगा। विवि 182 मेडल देता है।