इस बार हनुमान जयन्ती मंगलवार को तो पड़ ही रही है लेकिन इसके साथ कई ऐसे विलक्षण संयोग भी जुड़ रहे हैं जो शताब्दी बाद आए है। चैत्र पूर्णिमा को पवन सुत की जयन्ती मनाई जाएगी तो पंडितों, ज्योतिषियों का मानना है कि आज दिन कुछ वैसा ही योग बन रहा है जैसा धर्मग्रंथों में हनुमान जयंती के समय उल्लिखित है। राजधानी के हनुमान मंदिरों को इस मौके पर विशेष तौर पर सजाया गया है जहां दिन भर दर्शन-पूजन का क्रम चलना है।
विज्ञापन
2 of 9
हनुमान जी
- फोटो : amar ujala
ज्योतिषियों और पंडितों के अनुसार, इस चैत्र पूर्णिमा को हनुमान जयंती के समय जो योग बन रहा है, वह लगभग 120 सालों बाद घटित हो रही है। इसने इस हनुमान जयन्ती को विशेष महत्वपूर्ण बना दिया है। इस बार हनुमान जयन्ती की पूर्णिमा तिथि पर मंगलवार और चित्रा नक्षत्र रहेगा।
विज्ञापन
3 of 9
हनुमान जी
- फोटो : amar ujala
धर्मग्रन्थों में पवनपुत्र हनुमान के जन्म के अवसर पर पूर्णिमा तिथि, मंगलवार और चित्रा नक्षत्र का ही उल्लेख मिलता है। पंडितों ने इस हनुमान जयंती को विशेष फलदायक और लाभकारी माना है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन विशेष गजकेसरी योग भी बन रहा है जिसे शुभ माना जाता है।
4 of 9
हनुमान जी
- फोटो : amar ujala
हनुमान जयन्ती के कारण सोमवार को देर रात तक हनुमान मंदिरों में विशेष तैयारी चलती रही। मंदिरों को खूब सजाया गया और यहां जुटने वाले भक्तों की सुविधा के विशेष प्रबंध भी किए गए। भक्तों का तांता मंगलवार की भोर से ही शुरू हो गया। इस मौके पर हनुमान चालीसा, सुंदर कांड के पाठ होंगे तथा सिंदूर एवं फूलों से श्रृंगार किया गया।
विज्ञापन
5 of 9
हनुमान जी
- फोटो : amar ujala
इस अवसर पर नगर में जगह-जगह भंडारे का भी आयोजन किया गया। अलीगंज के पुराने हनुमान मंदिर, नये हनुमान मंदिरों तथा हनुमान सेतु मंदिरों में पूजन, आरती के बाद सुंदरकांड का सामूहिक पाठ किया गया।
विज्ञापन
6 of 9
हनुमान जी
- फोटो : amar ujala
हजरतगंज हनुमान मंदिर और अमीनाबाद में भी हनुमान जयंती पर शृंगार एवं पूजन तथा भंडारे का आयोजन किया गया। डालीगंज गोमती तट पर स्थित लेटे हनुमान मंदिर में विशेष अनुष्ठान हो रहे हैं।
विज्ञापन
7 of 9
हनुमान जी
- फोटो : amar ujala
आयोजन की शुरुआत भगवान का सिंदूर और फूलों के शृंगार से हुई और चोला चढ़ाया गया। पूजन आरती और सामूहिक सुंदरकांड के पाठ के बाद हलुवा और पूरी का भोग लगाया गया।
8 of 9
हनुमान जी
- फोटो : amar ujala
जगह-जगह मंदिरों में हनुमान जी की विशेष पूजा के प्रावधान किए गए। मान्यता के अनुसार आज के दिन सुंदरकांड, हनुमान चालीसा का पाठ और चोला चढ़ाने से हनुमान जी खुश होते हैं।
इसके बाद सदर हनुमान मंदिर, उदयगंज हनुमान मंदिर, अलीगंज हनुमान मंदिर, तेलीबाग हनुमान मंदिर, चुरवां हनुमान मंदिर (निगोहां), हनुमान सेतु हनुमान मंदिर, गाय के गोबर एवं मिट्टी से निर्मित करीब तीन सौ वर्ष प्राचीन उतरावां हनुमान मंदिर, पारा हनुमान मंदिर, राजाजीपुरम हनुमान मंदिर में चोले एवं प्रसाद अर्पित करने की व्यवस्था है। अपराह्न चार बजे हजरतगंज हनुमान मंदिर में चोला अर्पित किया जाएगा। समिति के प्रवक्ता श्रीश शर्मा ने बताया कि ऐसी आस्था है कि गाय की पूंछ में हनुमान का वास होता है। समिति के कार्यकर्ता चोले अर्पित करने से पूर्व गऊ माताओं को हरा चारा खिलाएंगे।