यह बीते दो दिनों में तीन डिग्री अधिक दर्ज हुआ। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक जेपी गुप्त ने रविवार को बताया कि बीते दिनों पहाड़ों पर पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के चलते बर्फबारी-बारिश की गतिविधियां हुईं, उनसे आने वाली पछुआ हवाओं ने पारा सरकाया।
लेकिन बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती प्रभाव से हवाओं के मिजाज में बदलाव आया तो पारे में उतार-चढ़ाव भी हुआ। चूंकि अब पहाड़ों से शुष्क उत्तर-पश्चिम हवाओं का दौर चल रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में दिन सामान्य रहने के साथ रात के पारे में गिरावट दर्ज होगी। सुबह के समय धुंध के साथ हल्का कोहरे से दिन की शुरुआत हो सकती है।