फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'गुमनामी बाबा ही थे सुभाषचंद्र बोस, नेहरू ब्रिटिश एजेंट'

विज्ञापन
1 of 5
नेताजी सुभाष चंद्र बोस की मौत और फैजाबाद के गुमनामी बाबा से उनका संबंध आज भी रहस्य बना हुआ है। हालांकि नेताजी की प्रपौत्री ने फैजाबाद पहुंचकर चौंकाने वाले खुलासे किए।

विज्ञापन

'गुमनामी बाबा ही थे सुभाषचंद्र बोस, नेहरू ब्रिटिश एजेंट'

2 of 5
नेताजी सुभाषचंद्र बोस की प्रपौत्री राजश्री चौधरी सोमवार को फैजाबाद पहुंची। यहां वह राम भवन गई और इसका निरीक्षण किया। बता दें कि गुमनामी बाबा सन 1983 से 1985 तक दो साल राम भवन में रहे हैं।

विज्ञापन

'गुमनामी बाबा ही थे सुभाषचंद्र बोस, नेहरू ब्रिटिश एजेंट'

3 of 5
राजश्री चौधरी ने फैजाबाद डीएम योगेश्वर राम से भी मुलाकात की। राजश्री ने प्लेन क्रैश में नेताजी की मौत के ब्रिटिश दावे को खारिज किया और कहा कि भारत सरकार और बिटिश सरकार ने नेताजी की मौत की अफवाह फैलाई थी।

'गुमनामी बाबा ही थे सुभाषचंद्र बोस, नेहरू ब्रिटिश एजेंट'

4 of 5
सुभाष चंद्र बोस की प्रपौत्री ने जवाहर लाल नेहरू को ब्रिटिश सरकार का प्रतिनिधि बताया। उन्होंने दावा किया कि गुमनामी बाबा ही सुभाषचंद्र बोस थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

'गुमनामी बाबा ही थे सुभाषचंद्र बोस, नेहरू ब्रिटिश एजेंट'

5 of 5
राजश्री ने नेताजी की मौत और गुमनामी बाबा प्रकरण की दोबारा जांच की मांग की। उन्होंने गुमनामी बाबा के सामान को संग्राहल में संरक्षित करने की बात कही। हाईकोर्ट पहले ही सामानों संरक्षित करने का आदेश दे चुका है।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें