लखनऊ के मड़ियांव के शहरपुर पूरब गांव में बृहस्पतिवार देर रात प्रॉपर्टी के विवाद में बहन अस्मत उल निशा ने बड़ी ही बेरहमी से सगे बड़े भाई मो. यासीन (24) का कत्ल कर दिया। यासीन के सिर पर बांके से छह वार किए गए थे जबकि पीठ पर भी एक वार किया गया था। इसके बाद उसका गला रेत दिया गया था। पोस्टमॉर्टम में गर्दन कटने से मौत होने की पुष्टि हुई है। यानी यासीन को तड़पा-तड़पा कर मारा गया।
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रिश्ते के कत्ल की कहानी उसने खुद फोन कर पुलिस को बयां की। अस्मत उल ने वारदात कुबूल ली है। पुलिस ने घर से हत्या में इस्तेमाल किया गया बांका, बेलचा और फुंकनी भी बरामद कर ली है।
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हैलो...भाई बदसुलूकी करता था मैंने मार डाला
शुक्रवार सुबह करीब 5.30 बजे पुलिस कंट्रोल रूम का फोन बजता है। सामने से लड़की की आवाज आती है। वह कहती है...हैलो, मेरा भाई बहुत परेशान करता था, मैंने उसे मार डाला। बात-बात पर गालियां देता था। मारता था...इसलिए मार डाला। कॉल सुनने वाला सन्न रह गया। मड़ियांव पुलिस मौके पर पहुंची तो उसने फिर वही बात दोहराई।
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खून से सना था स्वेटर, रंगे थे दोनों हाथ
पुलिस जब पहुंची तो अस्मत उल का स्वेटर खून से सना था। उसके दोनों हाथ भी खून से रंगे हुए थे। चेहरे पर भी खून की छींटें थीं। पुलिस ने अस्मत उल को बहन सहरुन्निशां के सुपुर्द कर उसके कपड़े बदलवाए। फोरेंसिक एक्सपर्ट्स ने अस्मत उल के कपड़ों को जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है।
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पर सवाल यह भी : हत्या में कोई और तो शामिल नहीं
एसएसपी मंजिल सैनी का कहना है कि यासीन का शव बिस्तर पर औंधे मुंह पड़ा था। ऐसा लगता है कि उसे सोते वक्त मारा गया। अस्मत उल दुबली-पतली है। उसकी कद-काठी और वारदात की जघन्यता से कत्ल में कोई और के भी शामिल होने की आशंका है। वारदात की गहराई तक जाने के लिए पुलिस अस्मत की बहन सहरुन्निशां और उसके मोबाइल फोन की कॉल डिटेल निकलवा रही है।
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प्रॉपर्टी विवाद को बताया वजह
एसएसपी मंजिल सैनी ने बताया कि पूछताछ में अस्मत उल ने प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की बात कुबूली है। उसने बताया कि पिता जाहिद अली की दस साल पहले मौत हो चुकी है। मां जरीना बानो भी सात साल पहले गुजर गईं। परिवार में बड़े भाई दीन मोहम्मद, सीतापुर के कलमापुर मास्टरबाग में ब्याही बहन सहरुन्निशां, यासीन हैं। भाइयों ने चल-अचल संपत्ति आपस में बांट ली थी। उसका निकाह नहीं हुआ था इसलिए एक हिस्सा उसे भी दिया गया था।
दीन मोहम्मद ने दो मकान में से एक मकान, दो बीघा जमीन और मां के जेवर में करीब दो करोड़ रुपये का अपना हिस्सा ले लिया था। बाकी संपत्ति यासीन के पास थी। अस्मत उल अपने हिस्से की जमीन बेचने का दबाव डाल रही थी लेकिन, यासीन तैयार नहीं था। बड़ी बहन सहरुन्निशां ने भी यासीन को समझाने की कोशिश की लेकिन वह नही माना। इसे लेकर अस्मत उल व उसके बीच कई बार झगड़ा हो चुका था। बृहस्पतिवार रात भी भाई-बहन के बीच प्रॉपर्टी को लेकर झगड़ा हुआ और अस्मत उल ने यासीन की हत्या कर दी।