फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

विज्ञापन
1 of 12
शिवसेना के विरोध के बाद भारत में लगातार दो कार्यक्रम स्थगित होने के बाद पाकिस्तानी गायक गुलाम अली अमर उजाला के विशेष मेहमान बनकर शनिवार को लखनऊ पहुंचे। उनके इस कार्यक्रम को तस्वीरों में देखिए...
विज्ञापन

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

2 of 12
एयरपोर्ट पर आने के बाद गुलाम अली सबसे पहले सीएम अखिलेश से मिलने पहुंचे। सीएम अखिलेश ने उनका शुक्रिया अदा करते हुए ‌कहा कि उनका आना लखनऊ के लिए गौरव का विषय है।
विज्ञापन

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

3 of 12
शाम को गुलाम अली ने अमर उजाला के एमएसएमई कॉन्‍क्लेव में गजलें पेश की। ये कार्यक्रम होटल ताज में हुआ। ‘कोई ताजा हवा चली है अभी, दिल में इक लहर सी उठी है अभी, शोर बरपा है खाना-ए-दिल में, कोई दीवार सी गिरी है अभी, कुछ तो नाजुक मिजाज हैं हम भी और ये चोट भी नई है अभी’, ‘कतील जख्म सहूं और मुस्कुराता रहूं, बने हैं दायरे क्या क्या मेरे अमल के लिए’, ‘कैसी चली है अब के हवा तेरे शहर में, बंदे भी हो गए हैं खुदा तेरे शहर में..’गजलें पेश की।

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

4 of 12
अमर उजाला एमएसएमई कॉन्क्लेव-2015 में शनिवार को गुलाम अली का यह कार्यक्रम इस दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हो गया था कि महाराष्ट्र में उनके दो आयोजनों के रद्द होने के बाद यहां आयोजन हुआ था। इसका असर उनकी प्रस्तुतियों पर नजर आ रहा था। गुलाम अली ने ताज विवान्ता होटल के खुले मैदान में अपनी कई लोकप्रिय गजलें सुनाईं।
विज्ञापन

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

5 of 12
लखनऊ के लिए उन्होंने कहा कि लखनऊ में उर्दू अदब को समझने वाले लोग हैं। यहां गाते हुए यह ध्यान रखना पड़ता है कि लफ्ज के मेयार को कैसे पेश किया जाए। अपने कार्यक्रम की शुरूआत कतील शिफाई की गजल ‘मेरी नजर से ना हो दूर एक पल के लिए’ सुनाने से पहले उन्होंने अहमद फराज की गजल के शेर भी सुनाए-‘तेरी बातें ही सुनाने आए, दोस्त भी दिल ही दुखाने आए’।
विज्ञापन

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

6 of 12
शनिवार के कार्यक्रम में गायी गजलों में भी यह खूबी खूब दिखी। हालांकि उनके कुछ प्रशंसकों को यह शिकायत हो सकती है कि इस दिसम्बर में 75 वर्ष के हो जाने वाले गुलाम अली का गला अब पहले की तरह बहुत साथ नहीं देता लेकिन उनका अन्दाज आज भी लोगों को मुग्ध करता रहता है।
विज्ञापन

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

7 of 12
वह कहते भी रहे हैं कि मैं अपने चाहने वालों के लिए गाता रहूंगा। उन्होंने कहा कि मैं जब तक जिंदा हूं, अपने चाहने वालों से मिलता रहूंगा, वे मुझसे मिलेंगे। विख्यात गजल गायक ने श्रोताओं की फरमाइश पर अपनी लोकप्रिय गजलों का सिलसिला भी शुरू किया।

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

8 of 12
उनकी ‘चुपके चुपके रात दिन आंसू बहाना याद है’ गजल हसरत मोहानी की है जिनका लम्बा वक्त लखनऊ में बीता और निधन भी यहीं हुआ। उनकी एक और गजल ‘हम तेरे शहर में आए हैं मुसाफिर की तरह, सिर्फ एक बार मुलाकात का मौका दे दे’ कैसर उल जाफरी की गजल थी।

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

9 of 12
सुप्रसिद्ध गजल गायक गुलाम अली का कार्यक्रम के पूर्व विभिन्न धर्मगुरुओं ने सम्मान किया। मनकामेश्वर मंदिर की महंत देव्या गिरि ने भी गुलाम अली से मुलाकात की।

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

10 of 12
इसके बाद मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना खालिद रशीद फरंगी महली ने मंच पर जाकर गजल गायक गुलाम अली से मुलाकात की।

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

11 of 12
गुरुद्वारा मानसरोवर अध्यक्ष सरदार सम्पूर्ण सिंह बग्गा ने गुलाम अली का सम्मान करते हुए सौहार्द का संदेश दिया।
विज्ञापन

तस्वीरों में देखिए लखनऊ पहुंचे गुलाम अली के पूरे कार्यक्रम को

12 of 12
गुलाम अली को सुनते श्रोता। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें